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मंदी से घबराई वेदांत ने लगाया ब्रेक

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Last Updated- December 07, 2022 | 10:07 PM IST

वेदांत रिसोर्सेज ने हाल के दिनों में वैश्विक बाजारों में हुई उठापटक और निवेशकों की प्रतिक्रिया की वजह से अपनी निगमित पुनर्संरचना योजना को फिलहाल टाल दिया है।
दरअसल, बाजार में आर्थिक मंदी से परेशान होकर कई निवेशकों ने इन परियोजनाओं से अपने हाथ वापस खींच लिए हैं।

अनिवासी अरबपति अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांत रिसोर्सेज ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी वित्तीय संकट और शेयरधारकों की प्रतिक्रिया की वजह से समूह ने तत्काल 9.8 अरब डॉलर वाले
निगमित पुनर्संरचना योजना को टाल दिया है।

ब्रिटेन स्थित वेदांत रिसोर्सेज की भारतीय अनुषंगी स्टरलाइट इंडस्ट्रीज ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में हाल के दिनों में आए बदलाव और निवेशकों की प्रतिक्रिया की वजह से वेदांत समूह को प्रस्तावित पुनर्संरचना टालने का निर्णय लेना पड़ा है।

हालांकि वेदांत की ओर से बताया कि कंपनी अपने शेयरधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निगमित ढांचे को सरल और कारगर बनाने के लिए प्रतिबध्द है।

समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बताया कि कंपनी के पास नकदी की कोई कमी नहीं है और उसकी इकाइयां अच्छा कारोबार कर रही हैं।

ऐसे में कंपनी को पूंजी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन शेयरधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा निर्णय लिया गया।

अग्रवाल ने बताया कि समूह वर्ष 2012 तक 9.8 अरब डॉलर वाली विस्तार योजना के लिए भी वचनबध्द है। उन्होंने बताया कि कोई भी पूंजी खर्च की योजना स्थगित नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि 9 सितंबर को समूह ने अपने ढांचे को तीन भागों में बांट कर सरल बनाने की घोषणा की थी। इन तीन भागों में कारोबार को तांबा, जिंक और लेड, एल्युमीनियम और ऊर्जा के साथ-साथ लौह अयस्क के हिसाब से बांटा जाना प्रस्तावित था।

कंपनी की नई संरचना के तहत समूह की योजना थी कि प्रमुख कंपनी सेसा गोवा लौह अयस्क की खानों पर ध्यान देगी, जबकि स्टरलाइट इंडस्ट्रीज का एल्युमिनियम और ऊर्जा कारोबार मद्रास एल्युमिनियम के पास चला जाएगा।

इसके बाद इस कंपनी का नाम बदलकर स्टरलाइट एल्युमिनियम कर दिया जाएगा। यह कंपनी एल्युमिनियम कारोबार के साथ-साथ बिजली उत्पादन कारोबार भी देखेगी।

कंपनी ने बताया कि प्रस्तावित स्कीम के तहत स्टरलाइट के प्रति चार शेयर के बदले में शेयरधारकों को मालकों के सात इक्विटी शेयर दिए जाएंगे। इसके लिए स्टरलाइट ने मालकों के 51 इक्विटी शेयरों के बदले में एक शेयर जारी किया होगा।

उल्लेखनीय है कि वेदांत समूह की ओर से पुनर्संरचना योजना की घोषणा करने के बाद स्टरलाइट के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन जैसे ही कंपनी की ओर से नई योजना टालने की बात कही गई, बंबई स्टॉक एक्सचेंज में स्टरलाइट के शेयरों में जबरर्दस्त उछाल देखी गई।



 

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First Published - September 24, 2008 | 10:55 PM IST

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