डन्जो बनेगी सबसे बड़ी त्वरित डिलिवरी सेवा कंपनी!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 9:15 PM IST

बेहद स्थानीय स्तर पर सामान पहुंचाने वाला डिलिवरी प्लेटफॉर्म डन्जो जल्द ही शहरों के अपने गोदामों में रोबोटिक्स का इस्तेमाल करेगा ताकि ऑर्डरों की प्रोसेसिंग में लगने वाला समय घटाकर महज 30 सेकंड किया जा सके। कंपनी चाहती है कि कड़ी गुणवत्ता जांच, छंटनी एवं पैकेजिंग समेत उसका 90 फीसदी काम स्वचालित हो।
डन्जो ड्रोन के साथ प्रयोग कर रही है। इसने उनका 300 घंटे से अधिक परीक्षण किया है ताकि ग्राहक तक महज 5 से 6 मिनट में सामान पहुंचाया जा सके। इसके अलावा कंपनी हर उस शहर में 2,000 से 3,000 वर्ग फुट डार्क वेयरहाउस स्थापित करने की योजना बना रही है, जहां वह कारोबार में उतर रही है। ये गोदाम ग्राहकों के ढाई किलोमीटर के दायरे में होंगे ताकि तुरंत डिलिवरी की जा सके।
डन्जो अपना कायाकल्प करने जा रही है। यह खुद को छोटे खुदरा विक्रेताओं एवं लोगों को अंतिम छोर पर बी2बी डिलिवरी करने वाले प्लेटफॉर्म से बदलकर अगले 18 से 24 महीनों में देश की सबसे बड़ी त्वरित डिलिवरी सेवा कंपनी बनने की योजना बना रही है। इसका मकसद लोगों की दैनिक जरूरत की चीजें 15 से कम मिनट में पहुंचाना है। कंपनी ने हाल में रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपनी 25.8 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 20 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। कंपनी का कहना है कि आरआईएल के साथ गठजोड़ से उसे अपनी योजना की रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डन्जो के संस्थापक और सीईओ कबीर विश्वास ने कहा, ‘हमारा मकसद 18 से 24 महीनों में त्वरित डिलिवरी सेवा में सबसे बड़ी कंपनी बनना है। निस्संदेह प्रतिस्पर्धा पैदा होगी और खत्म भी हो जाएगी। रिलायंस के साथ समझौते से हमें उससे 30 से 50 फीसदी ज्यादा वृद्धि हासिल करने में मिलेगी, जिसकी हमने दिसंबर तक योजना बनाई थी। इसके अलावा 5 से 10 साल की हमारी योजना से दोगुनी वृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी।’
विश्वास ने कहा कि इस साझेदारी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब डन्जो रिलायंस की मौजूदा आपूर्ति शृंखला का इस्तेमाल कर नए शहरों में दाखिल हो सकती है। इससे डन्जो को ग्राहकों को 15 मिनट में डिलिवरी की सेवा मुहैया कराने में मदद मिलेगी, जबकि रिलायंस को अपने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन खुदरा कारोबार में डन्जो के डिलिवरी बेड़े का फायदा मिलेगा। विश्वास ने कहा, ‘इस साल हमारा पूरा जोर त्वरित डिलिवरी सेवा कारोबार को बढ़ाने पर होगा।’
वह कहते हैं कि डन्जो का लक्ष्य इस साल 20 और शहरों में त्वरित डिलिवरी सेवा शुरू करने का है। कंपनी इस समय बेंगलूरु, चेन्नई और पुणे में ही सेवा मुहैया कराती है। कंपनी ने रिलायंस के साथ सौदा होने से पहले 15 शहरों में त्वरित डिलिवरी सेवा शुरू करने की योजना बनाई थी।
यह 50 शहरों में बी2बी मॉडल शुरू करेगी, जहां वह रिलायंस के ओमनी-चैनल प्लेटफॉर्म को मदद दे सकती है। कंपनी ने त्वरित सेवा डिलिवरी से हर महीने छह करोड़ लेनदेेन हासिल करने की योजना बनाई है। इसके वर्ष 2022 के आखिर तक शहरों में 350 से अधिक गोदाम होंगे।
विश्वास कहते हैं कि हालांकि पहले जुटाया गया धन दिसंबर तक यह लक्ष्य हासिल करने के लिए पर्याप्त है। लेकिन डन्जो अगले 3 से 6 महीनों के दौरान 20 से 30 करोड़ डॉलर और जुटाएगी। इससे कंपनी को तेजी से बढऩे और यूनिकॉर्न बनने में मदद मिलेगी। हालांकि 2024 से पहले आईपीओ लाने की कोई योजना नहीं है। डन्जो उपभोक्ता खरीद पैटर्न के अध्ययन के लिए डेटा एनालिटिक्स का भी इस्तेमाल करती है। विश्वास ने कहा, ‘हमारा शोध दर्शाता है कि कुल वस्तुओं में 80 फीसदी खरीद 20 फीसदी चीजों की होती है, इसीलिए हम उस पर ध्यान देते हैं।’

First Published : February 15, 2022 | 11:13 PM IST