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पीएलआई से वृद्धि को रफ्तार दे रही डिक्सन

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:57 AM IST

इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण सेवा (ईएमएस) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजिज अगले साल घरेलू और वैश्विक बाजार की मांग को पूरा करने के लिए मोबाइल उपकरण, लैपटॉप एवं टैबलेट, दूरसंचार उपकरण और एलईडी के पुर्जे बनाने की अपनी क्षमता बढ़ाने पर 600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने जा रही है। डिक्सन इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए खुद को देश की सबसे बड़ी ‘ग्लोबल चैंपियन’ घरेलू कंपनी के तौर पर स्थापित करने की कोशिश कर रही है। कंपनी अपनी वृद्धि को रफ्तार देने के लिए सरकार की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का फायदा उठा रही है।
पीएलआई योजना के तहत पात्र कंपनियों को उनकी बिक्री पर चार साल के लिए 4 से 6 फीसदी का प्रोत्साहन प्रदान की गई है ताकि भारत को विनिर्माण के एक वैश्विक केंद्र में बदला जा सके। डिक्सन अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्रों में इस योजना का लाभ उठाना चाहती है। कंपनी के सीईओ सुनील वाचानी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य दुनिया की शीर्ष 10 ईएमएस कंपनियों में शामिल होना है। उन्होंने कहा, ‘हम नई क्षमता निर्माण पर पहले ही निवेश कर रहे हैं जो पीएलआई के तहत आवश्यक निवेश प्रतिबद्धताओं से अधिक है। हम यह भी उम्मीद करते हैं कि प्रोत्साहन के लिए पात्रता हासिल करने के लिए हमारी राजस्व और बिक्री भी पर्याप्त होगी।’
फिलहाल कंपनी का राजस्व 4,400 करोड़ रुपये है और वह शीर्ष वैश्विक ईएमएस कंपनियों की सूची में 20वें पायदान पर है। मोबाइल उपकरण श्रेणी में पीएलआई योजना के लिए पहले से ही पात्र होने के बावजूद कंपनी 200 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है ताकि सालाना विनिर्माण क्षमता को बढ़ाकर 2.5 करोड़ फोन किया जा सके। वास्तव में फोन का उत्पादन शुरू भी हो चुका है। अधिकतर अन्य कंपनियों की तरह डिक्सन भी कोविड वैश्विक महामारी के कारण आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के कारण पहले साल के उत्पादन राजस्व लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रही लेकिन इससे उसकी योजना पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि प्रोत्साहन पात्रता के लिए उसे इन लक्ष्यों को हासिल करना होगा।
कंपनी ने नोएडा में एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स परिसर स्थापित करने के लिए भूमि का अधिग्रहण किया है। इस परिसर में  सालाना 4 करोड़ मोबाइल फोन बनाने की अतिरिक्त क्षमता निर्माण के लिए काम चल रहा है। वाचानी ने कहा कि यह अतिरिक्त क्षमता अगले 12 महीनों में तैयार हो जाएगी। उन्होंने पुष्टि की कि कंपनी ने घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों के लिए ओईएम आपूर्तिकर्ता के तौर पर नोकिया, मोटोरोला और जियोनी के साथ करार किया है। कंपनी का उद्देश्य करीब 60 फीसदी फोन का निर्यात करना है।
आईटी हार्डवेयर के क्षेत्र में डिक्सन 100 करोड़ रुपये के दायरे में निवेश के साथ पहले चरण की शुरुआत करेगी। शुरू में इसके तहत लैपटॉप और टैबलेट का उत्पादन किया जाएगा जबकि उसके बाद मॉनिटर को भी उत्पादन में शामिल किया जाएगा। कंपनी कई घरेलू और वैश्विक ब्रांड के लिए इसका उत्पादन करेगी। वाचानी ने कहा कि दुनिया भर के पर्सनल कंप्यूटर विनिर्माताओं के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस योजना के तहत पात्रता हासिल करने के तुरंत बाद एक सौदा हो सकता है। कंपनी घरों में उपयोग वाले पर्सनल कंप्यूटर के लिए मदरबोर्ड का भी उत्पादन करने की योजना बना रही है। पीएलआई नीति के तहत पहले साल में स्थानीयकरण जरूरतों के लिए यह आवश्यक होगा। वाचानी ने इस बात से इनकार नहीं किया कि कंपनी भविष्य में खुद के ब्रांड और डिजाइन वाले लैपटॉप को बाजार में उतारेगी।
एलईडी बल्ब के लिए प्रोत्साहन के मोर्चे पर डिक्सन यांत्रिक पुर्जे, प्लास्टिक एवं माउंट आदि तमाम पुर्जों का उत्पादन करने की योजना बना रही है जिनका एलईडी बल्ब की लागत में करीब 45 फीसदी हिस्सेदारी होती है। डिक्सन के लिए फायदे की बात यह है कि सालाना 25 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब के उत्पादन के साथ ही वह दुनिया की शीर्ष पांच कंपनियों की सूची में शामिल है। वह करीब 44 फीसदी स्थानीय मांग को भी पूरा करती है। देश में पुर्जों के उत्पादन होने से न केवल कंपनी के लिए स्थानीयकरण में वृद्धि होगी बल्कि वैश्विक बाजार में लागत के मोर्चे पर भी उसे फायदा होगा। वाचानी ने कहा कि करीब 130 अरब डॉलर के इस बाजार में केवल एकमात्र प्रतिस्पर्धी चीन है।
दूरसंचार उपकरणों के लिए प्रोत्साहन हासिल करने के लिए डिक्सन 200 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और इसके लिए उसने एक अलग रणनीति अपनाई है। उसने भारती एयरटेल के साथ एक संयुक्त उद्यम की स्थापना की है जिसमें उसकी 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी।

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First Published - May 10, 2021 | 11:26 PM IST

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