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नस्लभेद खत्म करने की मुहिम में देसी दिग्गज

Last Updated- December 12, 2022 | 9:16 AM IST

दुनिया भर में कार्यस्थलों एवं दफ्तरों में नस्लभेद खत्म करने की मुहिम में भारतीय तकनीकी कंपनियां इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) भी शामिल हो गई हैं। नस्लभेद के खिलाफ तैयार इस संगठन की शुरुआत विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने की है, जिसका मकसद कार्यस्थलों को सभी नस्लों एवं जाति-धर्म के लोगों के लिए अधिक समावेशी बनाना है।
इस संगठन की घोषणा ऑनलाइन आयोजित ‘दावोस एजेंडा समिट’ में की गई। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि ‘पार्टनरिंग फॉर रेसियल जस्टिस इन बिजनेस’ नाम से की गई उसकी पहल में सदस्य संगठन शामिल होंगे, जो नस्लभेद का सामना कर रहे पेशेवरों के लिए कार्यस्थलों पर समानता एवं न्याय स्थापित करेंगे। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि इसके संस्थापक संदस्यों में 13 उद्योगों का प्रतिनिधित्व करने वाले 48 संगठन है। इन संगठनों में 55 लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं और उनके मुख्यालय तीन महाद्वीपों में हैं।
डब्ल्यूईएफ की प्रबंध निदेशक सादिया जाहिदी ने कहा, ‘फॉच्र्यून 500 कंपनियों में मात्र 1 प्रतिशत कंपनियों के मुख्य कार्याधिकारी ही अश्वेत हैं। ऐसे में कारोबार में अश्वेत लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए तत्काल पहल करने की जरूरत है। कार्यस्थलों को विभिन्न नस्लों के लोगों के लिए सुगम एवं उपयुक्त बनाने के लिए कंपनियों को व्यवस्थागत स्तर पर काम करना होगा। कंपनियों को इसके लिए अपने संगठनों के संरचनात्मक एवं सामाजिक पहलुओं पर ध्यान देने के साथ ही समुदायों और अर्थव्यवस्था में भी अपनी भूमिका बेहतर बनानी होगी।’ नस्लभेद के खिलाफ शुरू पहल में शामिल होने के लिए कंपनियों को तीन कदम उठाने होंगे। उन्हें अपने निदेशकमंडल की कार्य योजना में नस्ली एवं धर्म-जाति समता के साथ उन्हें नस्ली एवं धर्म-जाति न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कम से कम एक पहल अवश्यकरनी होगी। इनके अलावा कंपनियों को नस्लभेद विरोधी संगठन बनने के लिए एक दीर्घ अवधि की रणनीति का खाका पेश करना होगा।
नस्ली एवं जाति-धर्मगत समता की दिशा में कारोबारी कदमों में नस्ली न्याय कार्य के लिए वित्तीय एवं मानव संसाधनों से लेकर सभी वरिष्ठ पदों पर सभी नस्लों के लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल हैं। डब्ल्यूईएफ की तरफ से जारी बयान में कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस के मुख्य कार्याधिकारी ब्रायन हम्फ्रीज ने कहा, ‘मुख्य कार्याधिकारियों को अपने संगठनों में नस्ली समानता एवं जातिगत न्याय को बढ़ावा देने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करना चाहिए। यह पहल केवल कार्यस्थलों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि सभी जगह दिखनी चाहिए।’
इस संगठन के अन्य संस्थापक सदस्यों में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एचपी, एपी मोलर-मेयस्र्क, एलिक्सपार्टनर्स, एस्ट्राजेनेका, ब्लैकरॉक, ब्लूमबर्ग, बोस्टन कंसल्टैंसी ग्रुप, ब्रिजवाटर एसोसिएट्स, सेंटीन, सिस्को, कॉग्निजेंट, देंत्सू इंटरनैशनल, डॉयचे बैंक, ईवाई, एचऐंडएम, हेनरी शीन और आइकिया शामिल हैं।

First Published - January 25, 2021 | 11:14 PM IST

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