कंज्यूमर ड्यूरेबल फर्म, यूरेका फोब्र्स और अक्षय ऊर्जा कंपनी स्टर्लिंग ऐंड विल्सन सोलर में अपनी हिस्सेदारी बेचने के बाद शापूरजी पलोनजी ग्रुप ने कर्नाटक के गोकक में अपनी कपड़ा इकाई को बिक्री के लिए रखा है। एसपी समूह अपनी परिसंपत्तियों की बिक्री के जरिये ऋण अदायगी लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश कर रहा है। समूह अगले साल मार्च तक परिसंपत्ति बिक्री से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य को हासिल करने में समर्थ होगा।
यूरेका फोब्र्स की बिक्री निजी इक्विटी फर्म एडवेंट इंटरनैशनल को की गई जिससे एसपी समूह की प्रमुख कंपनी शापूरजी पलोनजी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को 3,000 करोड़ रुपये का शुद्ध नकदी प्रवाह हुआ। इसके अलावा समूह अपने रियल एस्टेट पोर्टफोलियो के कुछ हिस्से की भी बिक्री कर रहा है जिसमें गोकक कपड़ा इकाई का भूखंड शामिल है। इससे समूह को 1,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होंगे। बैंकिंग सूत्रों ने कहा कि शेष रकम स्टर्लिंग ऐंड विल्सन सोलर में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री रिलायंस इंडस्ट्रीज को करने से हासिल होगी।
एसपी समूह ने परिसंपत्ति बिक्री संबंधी योजना के बारे में जानकारी के लिए भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि एसपी समूह के एक सूत्र ने कहा कि इससे पहले प्रवर्तक कंपनी टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड में अपनी कुछ हिस्सेदारी को गिरवी रखकर रकम जुटाने में सफल रही थी। टाटा संस में समूह की 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है। टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में तेजी के कारण टाटा संस का मूल्यांकन तेजी से बढ़ रहा है। एसपी समूह के सूत्र ने यह नहीं बताया कि टाटा संस में कितनी हिस्सेदारी गिरवी रखी गई है। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि टाटा संस में हिस्सेदारी गिरवी रखकर एसपी समूह ने कितनी रकम जुटाई है।
मिस्त्री परिवार ने शापूरजी पलोनजी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड में अतिरिक्त रकम झोंका है जिससे कंपनी को सितंबर के अंत तक बैंकों के 3,450 करोड़ रुपये के बकाये को चुकाने में मदद मिली। एकमुश्त ऋण पुनर्गठन (ओटीआर) योजना के तहत चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के लिए यह समय-सीमा निर्धारित की गई थी।
लेनदारों द्वारा मंजूर एकमुश्त ऋण पुनर्गठन योजना के अनुसार, समूह की प्रमुख कंपनी को फंडेड इंट्रेस्ट टर्म लोन (एफआईटीएल) के हिस्से को छोड़कर शेष ऋण के लिए ब्याज अदायगी में मोहलत दी गई है। पिछले साल मई में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी परिपत्र के तहत कोविड प्रभावित कंपनियों की मदद के लिए बैंकों को मोहलत की अवधि के दौरान संचित ब्याज को एफआईटीएल में परिवर्तित करने की अनुमति दी गई है। जबकि मूलधन के पुनर्भुगतान को अगले साल सितंबर तक दो साल के लिए टाल दिया गया है। इससे एसपी समूह को काफी राहत मिली है। एकमुश्त ऋण पुनर्गठन के समय शापूरजी पलोनजी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के बहीखाते पर 25,000 करोड़ रुपये का ऋण बोझ मौजूद था।
कोविड वैश्विक महामारी के कारण रियल एस्टेट और निर्माण कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है। वित्त वर्ष 2021 में एकल आधार पर कंपनी की कुल बिक्री 9,770 करोड़ रुपये से घटकर 6,566 करोड़ रुपये रह गई। केयर रेटिंग्स के खुलासे के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 के लिए कंपनी ने 952 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया जबकि एक साल पहले उसने 676 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।