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विमानन कंपनियों को होगा भारी नुकसान : क्रिसिल

Last Updated- December 11, 2022 | 10:06 PM IST

कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर और विमान ईंधन के अधिक दामों की वजह से भारतीय विमानन कंपनियां इस वित्त वर्ष में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड नुकसान दर्ज कर सकती हैं। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने आज यह जानकारी दी। इसने यह भी कहा कि वित्त वर्ष 22 का यह नुकसान पिछले साल दर्ज किए गए 13,853 करोड़ रुपये के नुकसान की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक होगा। क्रिसिल ने इस रिपोर्ट के लिए एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट के वित्तीय प्रदर्शन का विश्लेषण किया है।
महामारी की दूसरी लहर के बाद घरेलू हवाई यात्रा में जोरदार सुधार दिखाई दिया है और दिसंर में हवाई यातायात कोविड से पहले के स्तर की तुलना में 86 प्रतिशत तक गया। अलबत्ता तीसरी लहर की वजह से जनवरी के पहले सप्ताह में घरेलू हवाई यातायात में 25 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। ला दी है। अप्रैल और मई 2021 में दूसरी लहर के दौरान इसी प्रकार की प्रवृत्ति नजर आई थी, जब हवाई यातायात में क्रमिक आधार पर क्रमश: 25 प्रतिशत और 66 प्रतिशत की गिरावट आई। क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक नितेश जैन ने कहा कि तीन बड़ी विमान कंपनियां वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में पहले ही 11,323 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज कर चुकी हैं। घरेलू हवाई यातायात में तेज उछाल से तीसरी तिमाही में नुकसान को सहारा मिल जाता, लेकिन चौथी तिमाही में शुद्ध घाटा काफी बढ़ जाएगा, क्योंकि तीसरी लहर से दोबारा यात्रा प्रतिबंध और उड़ानें रद्द होने लगी हैं। नतीजतन विमान कंपनियां इस वित्त वर्ष में सर्वाधिक शुद्ध घाटा दर्ज करेंगी।
यात्री यातायात में गिरावट के अलावा विमान ईंधन, परिचालन लागत में जिसकी एक-तिहाई हिस्सेदारी होती है, की अधिक कीमतों से लाभ पर दबाव बनेगा। नवंबर 2021 में विमान र्इंंधन की कीमतें 83 रुपये प्रति लीटर के सर्वकालिक शीर्ष स्तर तक पहुंच गई थीं, जबकि वित्त वर्ष 2021 में औसत कीमत 44 रुपये और अप्रैल-जून 2021 में 63 रुपये थी।

First Published - January 14, 2022 | 11:16 PM IST

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