जयप्रकाश एसोसिएट्स की तरफ से अदाणी समूह को सीमेंट इकाइयों की बिक्री से भारतीय लेनदारों को आंशिक राहत मिलेगी, जिनका कंपनी व उसकी विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजना पर बकाया सितंबर के आखिर में 28,648 करोड़ रुपये था। सितंबर तिमाही के कंपनी के दस्तावेज के मुताबिक, इसमें से कंपनी ने 3,798 करोड़ रुपये के कर्ज भुगतान में चूक की है।
सीमेंट की कुछ इकाई की बिक्री अदाणी समूह को 5,000 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज मूल्यांकन पर होगी, जिससे कंपनी को दिवालिया कार्रवाई से बचने में मदद मिलेगी। कंपनी के 32 लेनदारों में से एक आईसीआईसीआई बैंक ने दिवालिया याचिका दाखिल की है। बैंकरों ने कहा, पर कंपनी को अपना कर्ज घटाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने होंगे।
कंपनी ने साल लेनदारों का बकाया चुकाने के लिए 2017 से 30,875 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां बेची है, जिसमें जेएसडब्ल्यू समूह को बिजली परिसंपत्तियां और 2.24 करोड़ टन सालाना क्षमता वाली सीमेंट परिसंपत्तियां अल्ट्राटेक को बेचा जाना शामिल है।
कंपनी के पास अभी भी 1.05 करोड़ टन सालाना सीमेंट उत्पादन की क्षमता है और इसे बिक्री के लिए रखा है। अदाणी समूह को बेची जाने वाली विशिष्ट परिसंपत्तियों के विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।
एक लेनदार ने कहा, कंपनी ने विगत में परिसंपत्तियां बेचने के लिए कई कदम उठाए हैं और सीमेंट इकाई की हालिया बिक्री बताती है कि दिवालिया कार्रवाई टालने के प्रति वह गंभीर है। समूह की रियल एस्टेट कंपनी जेपी एसोसिएट्स पिछले चार साल से दिवालिया कार्रवाई का सामना कर रही है और मुकदमा अभी भी एनसीएलटी में चल रहा है। महामारी के कारण पूरी प्रक्रिया में देर हुई है।
जून 2017 में लेनदारों ने कंपनी के कर्ज को तीन हिस्सों में बांटने पर सहमति जताई थी। इस कर्ज के एक हिस्से 11,689 करोड़ रुपये का निपटान 2017 में हुआ क्योंकि तब सीमेंट प्लांट की बिक्री अल्ट्राटेक सीमेंट को की गई। कर्ज का दूसरा हिस्सा 6,367 करोड़ रुपये कंपनी के खाते में बरकरार है।
कंपनी के मुताबिक, 11,833 करोड़ रुपये का कर्ज एसपीवी जेपी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को कंपनी की जमीन के साथ हस्तांतरित किया जाना है। यह कर्ज एसपीवी चुकाएगी और एनसीएलटी की मंजूरी की प्रतीक्षा हो रही है।