सीएलपी इंडिया की सहायक सीएलपी विंड फार्म्स ने बुधवार को कहा कि उसने रेटेड, सुरक्षित, असूचीबद्ध, भुनाए जाने योग्य और गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्रों के जरिए 296.9 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने कहा कि इस कदम से उसे कंपनी के अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो के विस्तार के लिए टिके रहने में सहारा मिलेगा, जो लो कार्बन फुटप्रिंट बिजनेस में निवेश के कंपनी के दृष्टिकोण के मुताबिक है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और डीबीएस बैंक इंडिया इस बॉन्ड के प्रबंधक थे। इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च ने इस बॉन्ड को एए रेटिंग दी है। तीन साल वाले इस बॉन्ड को दो चरणों में जारी किए जाएंगे और उसके जरिये 196.9 करोड़ रुपये व 100 करोड़ रुपये मिलेंगे। कंपनी ग्रीन बॉन्ड से मिलने वाली इस रकम का इस्तेमाल पवन ऊर्जा परियोजनाओं की खातिर लिए गए पुराने कर्ज के निपटान में करेगी।
सीएलपी इंडिया के एमडी राजीव मिश्रा ने कहा, ग्रीन बॉन्ड जारी करने से हमें लो कार्बन पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही कासा दी डिपॉ एट प्लेटसमेंट डू क्यूबेक संग मजबूत साझेदारी के दम पर अक्षय ऊर्जा में नए मौके की तलाश में भी मदद मिलेगी। सीएलपी इंडिया छह राज्यों में 1,000 मेगावॉट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।