केंद्र सरकार सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की मौजूदा बिक्री प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल सकती है क्योंकि इसको खरीदने वाली सफल बोलीदाता नंदल फाइनैंस ऐंड लीजिंग के खिलाफ रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) द्वारा धनशोधन का मामला चल रहा है।
राष्ट्रीय कंपनी कानून अपील न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में नंदल फाइनैंस के खिलाफ लंबित मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय ने गंभीर धनशोधन का आरोप है, और आरओसी ने सीईएल की विजेता बोलीदाता के खिलाफ समापन याचिका दायर की है। एक अधिकारी ने बताया कि इन आरोपों और लंबित मुकदमों के कारण नंदल फाइनैंस को सीईएल की ब्रिकी नहीं हो सकती है।
एनसीएलएटी में मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को की जाएगी, जहां आरओसी के अधिवक्ता को एसएफआईओ की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने और अदालय की रजिस्ट्री में सौंपने लिए निर्देशित किया गया है। नंदल फाइनैंस को सीईएल की बिक्री रोकने का फैसला सेक्रेटरीज ऑफ डिसइन्वेस्टमेंट (सीजीडी) की कोर ग्रुप की अगले सप्ताह होने वाली बैठक में लिया जा सकता है, जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे। सीजीडी से पास होने के बाद इसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और विज्ञान व प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के समक्ष रखा जाएगा। उनके निर्णय के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।