भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (एनआरएआई) ने जोमैटो और स्विगी के साथ विवाद सुलझाने के लिए भारतीय प्र्रतिस्पद्र्धा आयोग (सीसीआई) का दरवाजा खटखटाया है। जोमैटो और स्विगी ग्राहकों से ऑनलाइन माध्यम से ऑर्डर लेकर उनके घरों तक खान-पान पहुंचाती हैं। एनआरएआई ने 1 जुलाई को सीसीआई को लिखे एक पत्र में कहा कि जोमैटो और स्विगी प्रतिस्पद्र्धा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में लिप्त हैं। उसने एक बयान में कहा कि इन कंपनियों की ऐसी गतिविधियों से देश के खाद्य एवं पेय उद्योग को नुकसान पहुंच रहा है।
एनआरएआई ने कहा कि जोमैटो और स्विगी कई सेवाएं एक साथ देने के साथ ही रेस्तरांओं से मोटा कमीशन मांगती हैं। उसने कहा कि ये दोनों स्टार्टअप कंपनियां रेस्तरांओं आदि को अधिक से अधिक छूट देने के लिए कहती हैं और ऐसा नहीं करने पर उन्हें विशेष रेस्तरांओं की अपनी सूची से बाहर करने की धमकी देती हैं।
एनआरएआई के अध्यक्ष अनुराग कटरियार ने कहा, ‘पिछले 15-18 महीनों से ये मुद्दे सुलझाने के लिए हम इन दोनों कंपनियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं। इस विवाद से देश में रेस्तरां उद्योग को नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि सभी प्रयासों के बावजूद इन दोनों सेवा प्रदाताओं के साथ मसले का समाधान नहीं निकल पाया है। अब इस पर और माथापच्ची करने का कोई लाभ नहीं है, इसलिए हमने सीधे सीसीआई से इस मामले में हस्तक्षेप करने और जांच करने का आग्रह किया है।’
इस बारे में पक्ष जानने के लिए जोमैटो और स्विगी से संपर्क किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
एनआरएआई ने कहा कि वर्ष 2018 से रेस्तरांओं ने स्विगी और जोमैटो के साथ कारोबार करने में आ रही कई परेशानियों का जिक्र किया है। जब स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियां शुरू हुई थीं तो उन्हें इसका खास लाभ मिल रहा था लेकिन धीरे-धीरे इनके कारोबारी ढर्रे से खाद्य एवं पेय उद्योग को नुकसान पहुंचने लगा। एनआरएआई ने कहा कि इन दोनो कंपनियों के साथ उसकी कई दौर की वार्ताएं हुई हैं लेकिन अब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।
सीसीआई ने ई-वाणिज्य (ई-कॉमर्स) कारोबार का अध्ययन किया था और इस क्रम में एनआरएआई ने भी उसे अपनी सिफारिशें भेजी थीं। इसके अलावा एनआरएआई ने सीसीआई द्वारा आयोजित कई कार्यशालाओं में भाग लिया था और स्विगी और जोमैटो के कारोबारी संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की ओर भी नियामक का ध्यान आकृष्ट किया था। देश के रेस्तरांओं की चिंताओं से सीसीआई को अवगत कराने में एनआरएआई ने अहम भूमिका निभाई थी।
एनआरएआई ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जोमैटो और स्विगी ने स्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा का खुला उल्लंघन किया और इस बारे में उनके साथ चर्चाओं का भी कोई नतीजा नहीं निकला। उसने कहा, ‘पूंजी से भरपूर ये कंपनियों की रेस्तरांओं की दिक्कतें दूर करने में कोई रुचि नहीं है। महामारी के दौरान इन दोनों कंपनियों की अनर्गल शर्तों के कारण कई रेस्तरां बंद हो गए।’
कटरियार ने कहा, ‘हम रेस्तरांओं के हित सुरक्षित रखने में कोई असर नहीं छोड़ेगे। हम सीसीआई के समक्ष अपना पक्ष पूरी शिद्दत से रखेंगे।’