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1.64 लाख करोड़ रु. से बीएसएनएल का होगा कायाकल्प

Last Updated- December 11, 2022 | 5:15 PM IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के पुनरुद्धार के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को आज मंजूरी दे दी। पैकेज के तीन हिस्से हैं- सेवाओं में सुधार, बहीखातों को मजबूत करना और फाइबर नेटवर्क का विस्तार।
संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसले के बारे में संवाददाताओं को बताया कि सरकार बीएसएनएल को 4जी सेवाएं देने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करेगी। वैष्णव ने कहा कि बीएसएनएल के 33,000 करोड़ रुपये के वैधानिक बकाये को इक्विटी में बदला जाएगा। साथ ही कंपनी इतनी ही राशि (33,000 करोड़ रुपये) के बैंक कर्ज के भुगतान के लिये बॉन्ड जारी करेगी। उन्होंने बताया कि पैकेज में 43,964 करोड़ रुपये का नकद हिस्सा शामिल है। पैकेज के तहत 1.2 लाख करोड़ रुपये गैर-नकद रूप में चार साल के दौरान दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने बीएसएनएल और भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) के विलय को भी मंजूरी दी है। मंत्री ने कहा कि 4जी सेवाओं की पेशकश के लिए बीएसएनएल को स्पेक्ट्रम का प्रशासनिक आवंटन किया जाएगा। इसके तहत 900/1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम का आवंटन इक्विटी निवेश के जरिये किया जाएगा, जिसकी लागत 44,993 करोड़ रुपये होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार 4जी प्रौद्योगिकी स्टैक विकसित करने के लिए अगले चार साल के दौरान 22,471 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करेगी। इसके अलावा सरकार बीएसएनएल को 2014-15 से 2019-20 के दौरान व्यावसायिक रूप से अव्यवहार्य ग्रामीण वायरलाइन संचालन के लिए 13,789 करोड़ रुपये देगी। उन्होंने कहा कि भारतनेट के तहत स्थापित बुनियादी ढांचे के व्यापक उपयोग के लिए बीबीएनएल का बीएसएनएल में विलय किया जाएगा। भारतनेट के तहत बना बुनियादी ढांचा एक राष्ट्रीय संपत्ति बना रहेगा, जो सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध होगा। वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के दूरदराज के गांवों में 4जी मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 26,316 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली परियोजना को भी मंजूरी दी है।

First Published - July 28, 2022 | 12:41 AM IST

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