ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने चौथी तिमाही के नतीजे अनुमान के मुताबिक पेश किए। हालांकि मार्च में कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन से उसके राजस्व व लाभ की रफ्तार पर करीब 7 से 10 फीसदी का असर पड़ा। एफएमसीजी कंपनी ने कहा कि शुरुआती दिक्कतों के बाद फर्म ने सुधार दर्ज किया और अप्रैल में राजस्व में 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई जबकि मई में यह 28 फीसदी बढ़ा क्योंकि कंपनी ने कई एहतियाती कदम उठाए। चौथी तिमाही में ब्रिटानियाका कर पूर्व लाभ 457.27 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 1.6 फीसदी ज्यादा है। हालांकि कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 26.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 372.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 294.27 करोड़ रुपये रहा था क्योंकि कंपनी की ककर देनदारी कम रही, जिसकी वजह नई कर व्यवस्था की ओर बढऩा था। क्रमिक आधार पर यह करीब-करीब स्थिर रहा। जनवरी-मार्च में कंपनी का राजस्व 2.9 फीसदी बढ़कर 2,946.32 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,860.75 करोड़ रुपये रहा था। क्रमिक आधार पर राजस्व हालांकि 3.3 फीसदी घटा।
कंपनी के प्रबंध निदेशक वरुण बेरी ने कहा, नौ महीने तक ठीक-ठाक रफ्तार के बाद हमने इस तिमाही के पहले दो महीने में बढ़ोतरी वापस आते देखी और तब कोविड-19 और लॉकडाउन के कारण कंपनी के राजस्व व शुद्ध लाभ की रफ्तार पर 7 से 10 फीसदी की चोट पड़ी। इस अवधि में हमने बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी जारी रखी क्योंकि हमने वितरण आदि पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बावजूद इस तिमाही में हमारा परिचालन लाभ 40 आधार अंक बढ़ा।
कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रबंध निदेशक वरुण बेरी को 2.5 लाख स्टॉक ऑप्शंस देने की मंजूरी दी।