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बीपी करेगी 15 फीसदी कर्मियों की छंटनी

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Last Updated- December 15, 2022 | 7:58 PM IST

कोरोनावायरस के कारण पैदा हुए संकट और मुख्य कार्याधिकारी बर्नार्ड लूनी की अक्षय ऊर्जा की ओर बढऩे की योजना के चलते तेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बीपी अपने कर्मियों की संख्या में 15 फीसदी की कटौती करेगी। कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
लूनी ने एक वैश्विक ऑनलाइन कॉल में कर्मचारियों से कहा, लंदन स्थित कंपनी 10,000 लोगों की छंटनी करेगी। अभी कर्मचारियों की कुल संख्या 70,100 है।
लूनी ने एक बयान मेंं कहा, हम एक प्रक्रिया शुरू करेंगे जिसके तहत करीब 10,000 लोग साल के अंत तक बीपी से बाहर निकल जाएंगे। रॉयटर्स ने नौकरियों में नियोजित कटौती की खबर पहले दी थी और इस संबंध में कंपनी के तीन सूत्रों का हवाला दिया था।
जिन नौकरियों पर असर पड़ेगा वह ज्यादातर कार्यालय में बैठे वरिष्ठ पद होंगे, न कि अग्रिम पंक्ति के परिचालन कर्मचारी। कंपनी ने कहा कि कोरोनावायरस के कारण अप्रैल में खर्च में 25 फीसदी की कटौती की घोषणा के बाद कर्मियों की छंटनी हो रही है। कंपनी ने कहा कि कोरोना के कारण तेल की मांग में अप्रत्याशित कमी आई है।
बीपी ने यह भी कहा कि वह साल 2021 के आखिर तक डिजिटलीकरण और कारोबारों के एकीकरण के जरिये लागत में 2.5 अरब डॉलर की बचत करेगी। नौकरियों में कटौती 111 साल पुरानी तेल कंपनी को और चुस्त बनाने की लूनी की कोशिश का हिस्सा है क्योंकि कंपनी कम कार्बन वाले ऊर्जा की ओर बढ़ रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
लूनी ने पिछले महीने वरिष्ठ प्रबंधन की नियुक्ति की घोषणा की थी और इस तरह से कंपनी के ढांचे में बदलाव की अपनी योजना के तहत उन्होंने बीपी की नेतृत्व टीम का आकार आधा कर दिया था।
फरवरी में पद संभालने के तुरंत बाद 49 वर्षीय सीईओ ने कहा था कि वह बीपी में 11 डिविजन का सृजन कर रहे हैं और वह कंपनी का पारंपरिक ढांचा समाप्त कर देंगे, जहां तेल व गैस उत्पादन कारोबार व रिफाइनिंग, विपणन व ट्रेडिंग का वर्चस्व है।

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First Published - June 8, 2020 | 11:37 PM IST

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