facebookmetapixel
Advertisement
Bajaj Finserv AMC ने उतारा लो ड्यूरेशन फंड, ₹1,000 से SIP शुरू; किसे करना चाहिए निवेशExplainer: सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत सैलरी-पेंशन पर मांगे गए सुझाव, आपके लिए इसमें क्या है?डीमैट म्युचुअल फंड निवेश होगा आसान: SWP-STP के लिए SEBI की नई सुविधा से बदलेगा खेलपर्सनल लोन से पाना चाहते हैं जल्दी छुटकारा? जोश में न लें फैसला, पहले समझें यह जरूरी गणितAI की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ेगी TCS: चंद्रशेखरन बोले– मौका बड़ा, आत्ममंथन के साथ नई तैयारी जरूरीटाटा मोटर्स PV ने तमिलनाडु प्लांट से शुरू किया प्रोडक्शन, ₹9,000 करोड़ का करेगी निवेशइनकम टैक्स के नए ड्राफ्ट नियम जारी: जानें अब ITR फॉर्म 1 से 7 में आपके लिए क्या-क्या बदल जाएगाUP Budget Session 2026: राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा का भारी हंगामा, लगे ‘गो बैक’ के नारेMirae Asset ने उतारा Nifty Metal ETF FoF, ₹5,000 से मेटल और माइनिंग सेक्टर में निवेश का मौकाUP Economic Survey 26: ₹36 लाख करोड़ की होगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कर्ज घटा व निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

Binance ने देनदारी से खुद को अलग किया

Advertisement

कुछ सप्ताह पहले एक अन्य वॉलेट सेवा प्रदाता लिमिनल कस्टडी ने भी इस सेंधमारी का दोष देसी क्रिप्टो एक्सचेंज पर मढ़ा था।

Last Updated- September 19, 2024 | 10:42 PM IST
Govt has taken action against 17 Crypto exchanges for GST evasion: MoS Finance

क्रिप्टो करेंसी क्षेत्र की वैश्विक दिग्गज बाइनैंस ने संकटग्रस्त क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरएक्स पर साइबर हमले से उत्पन्न किसी भी तरह की देनदारी से खुद को दूर कर लिया है। कुछ सप्ताह पहले एक अन्य वॉलेट सेवा प्रदाता लिमिनल कस्टडी ने भी इस सेंधमारी का दोष देसी क्रिप्टो एक्सचेंज पर मढ़ा था।

एक ब्लॉग में बाइनैंस ने स्पष्ट किया कि कंपनी के पास देश में वजीरएक्स का स्वामित्व या संचालन नहीं है। उसने यह भी कहा कि संकटग्रस्त क्रिप्टो एक्सचेंज के खिलाफ किए गए दावों के लिए कंपनी के देनदार होने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उसने वजीरएक्स के इस दावे का खंडन किया कि वैश्विक एक्सचेंज के पास कंपनी का स्वामित्व है, साथ ही कहा कि वह इस प्लेटफॉर्म का संचालन नहीं करता है।

क्रिप्टो प्लेटफॉर्म ने कहा, ‘हालांकि पक्षकारों के बीच एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन जेटाई द्वारा अपने दायित्वों को पूरा करने में विफल रहने की वजह से प्रस्तावित लेनदेन कभी पूरा नहीं हुआ। बाइनैंस ने कभी भी वजीरएक्स का स्वामित्व, नियंत्रण या संचालन नहीं किया है, जिसमें कथित हैक से पहले, उसके दौरान या उसके बाद का समय भी शामिल है।’

जेटाई भारत में क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरएक्स का संचालन करती है। जुलाई में कंपनी में सुरक्षा उल्लंघन के परिणामस्वरूप 23 करोड़ डॉलर से अधिक की चोरी हुई थी। यह इस प्लेटफॉम की डिजिटल संपत्तियों का लगभग आधा हिस्सा थी।

साल 2019 में वैश्विक क्रिप्टो प्लेटफॉर्म ने ऐलान किया था कि उसने वजीरएक्स का अधिग्रहण कर लिया है। हालांकि बाद में उसने कहा कि यह अधिग्रहण वजीरएक्स की कुछ संपत्तियों और बौद्धिक संपदा की खरीद के समझौते तक सीमित था।

Advertisement
First Published - September 19, 2024 | 10:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement