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मजबूत तिमाही के साथ अरविंदो की सेहत बेहतर

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Last Updated- December 15, 2022 | 8:04 PM IST

मार्च 2020 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए अरविंदो का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा, जिसमें भौगोलिक एवं व्यापारिक क्षेत्रों में बेहतर निष्पादन रणनीति काफी अहम रही। इस तिमाही में 5,938 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व के बजाय सालाना आधार पर 16.4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ कुल 6,158 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
कंपनी के राजस्व में लगभग आधी हिस्सेदारी रखने वाले अमेरिकी कारोबार ने यहां भी अहम भूमिका निभाई। विश्लेषकों का कहना है कि किसी बड़े उत्पाद को लॉन्च किए बिना अमेरिकी कारोबार में पिछले साल के मुकाबले 20.5 फीसदी की वृद्धि काफी अहम है, जो कंपनी के मुख्य कारोबार में मजबूती का प्रतीक है।
हो सकता है कि अमेरिका में दवाइयों की कमी और चैनल री-स्टॉकिंग ने भी अरविंदो को फायदा पहुंचाया हो। उदाहरण के लिए, मुंह से खाने वाली दवाइयों (ओरल सॉलिड) की बिक्री में 10 फीसदी की अनुक्रमिक वृद्धि में उच्च चैनल री-स्टॉकिंग की अहम भूमिका रही। साथ ही, ल्यूपिन और सन फार्मा जैसी कई प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुकाबले अमेरिकी कारोबार में वृद्धि बेहतर थी क्योंकि अन्य कंपनियों ने कारोबार में गिरावट दर्ज की।
कंपनी के राजस्व में एक चौथाई से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाली यूरोपीय बिक्री में 26 फीसदी की वृद्धि हुई। क्रेडिट सुइस का कहना है कि पांच यूरोपीय देशों में एपोटेक्स इंक के अधिग्रहण के बाद भी यूरोप में दो अंकों की अच्छी वृद्धि बनी हुई है। सुनिधि सिक्योरिटीज के रणवीर सिंह कंपनी को लेकर काफी सकारात्मक हैं और वे बताते हैं कि यूरोप सतत वृद्धि का चालक बना हुआ है। कंपनी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग को स्थानांतरित करके, एक्टेविस तथा कुछ अन्य छोटे पुर्तगाली व्यवसायों के अधिग्रहण के साथ यूरोपीय बिक्री को बनाए रखा।
हालांकि तेजी से बढ़ते बाजारों एवं एंटी-रेट्रोवायरल उत्पादों (एचआईवी उपचार के लिए) ने कंपनी के राजस्व में केवल छह फीसदी का योगदान दिया लेकिन इसमें भी 30 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की घई। एक्टिव फार्मा इन्ग्रिडिएंट (एपीआई) की बिक्री में 17.5 फीसदी की गिरावट आई, जो एक अपवाद रहा। विश्लेषकों का कहना है कि अगर कंपनियों के पास हायर-फॉम्र्युलेशन आपूर्ति विकल्प हैं, तो कम-मार्जिन वाली एपीआई की बिक्री में आमतौर पर गिरावट आती है। हालांकि, उच्च सूत्रीकरण और विकसित बाजार के लिए विशेष रूप से विकसित उत्पादों की बिक्री मार्जिन के लिए सकारात्मक है।
विश्लेषकों के अनुसार, बेहतर उत्पाद मिश्रण, निम्न एपीआई बिक्री आदि के आधार पर सकल मार्जिन 59.4 फीसदी रहा जो पिछली 10 तिमहियों में सबसे ज्यादा है।
कंपनी का परिचालन लाभ 1,200 करोड़ रुपये के अनुमानित स्तर के मुकाबले सालाना आधार पर 26.6 फीसदी बढ़कर 1,342.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। विश्लेषकों ने कंपनी का शुद्ध लाभ 700 करोड़ रुपये के करीब रहने का अनुमान लगाया था जो वास्तव में 45.2 फीसदी की दर के साथ बढ़कर 850 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।  शुद्ध ऋण में गिरावट एक और अहम सकारात्मकता थी। चौथी तिमाही में शुद्ध ऋण में 8.7 करोड़ डॉलर की गिरावट आई, और वित्त वर्ष 2020 के दौरान घटकर 35.9 करोड़ डॉलर रह गया। वित्त वर्ष 2019 में यह 72.4 करोड़ डॉलर था। शुद्ध ऋण-इक्विटी अनुपात अब 0.16 पर है, और शुद्ध ऋण/एबिटडा वित्त वर्ष19 के 1.27 गुने के मुकाबले वित्त वर्ष 2020 में 0.56 गुना हो गया है।
एमके रिसर्च के विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत निष्पादन और कर्ज में कमी से कंपनी के शेयरों का बेहतर प्रदर्शन जारी रहना चाहिए। हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि बड़े राजस्व आधार पर विकास दर को बढ़ाने के लिए नई दवाइयों को बाजार में लाना आवश्यक हैं।
इस बीच, कंपनी को अमेरिका में फैसिलिटी के लिए ओएआई वर्गीकरण भी मिल गया है, जो कंपनी के राजस्व में दो फीसदी का योगदान रखता है। विश्लेषकों का कहना है कि भारत में अरविंदो की इंजेक्टेबल फैसिलिटी सुविधा (यूनिट 4) को मिली मंजूरी ने समस्याओं को दूर कर दिया है।

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First Published - June 6, 2020 | 12:22 AM IST

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