पिछले चार साल से अदालत में और उससे बाहर लड़ाई लड़ रहे रुइया और मित्तल के बीच आखिर सुलह हो ही गई। आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील के संयुक्त उपक्रम आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) ने आज ऐलान किया कि उसने भारत में एस्सार समूह की बंदरगाह, बिजली संयंत्र तथा अन्य लॉजिटिक्स एवं बुनियादी ढांचा संपत्तियों का अधिग्रहण करने के लिए निश्चित समझौता किया है। इस सौदे का मूल्य करीब 2.4 अरब डॉलर (लगभग 19,000 करोड़ रुपये) है।
आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील ने तीन साल पहले साथ मिलकर रुइया के स्वामित्व वाली एस्सार स्टील (अब एम/एनएस इंडिया) का अधिग्रहण किया था और अब संपत्ति अधिग्रहण का यह सौदा हुआ है। एस्सार स्टील का अधिग्रहण ऋणशोधन अक्षमता और दिवालिया संहिता के अंतर्गत सफल समाधान के जरिये 5.7 अरब डॉलर में किया गया था।
नए सौदे के तहत हजीरा में 40 लाख टन सालाना क्षमता वाला एलएनजी टर्मिनल बनाया जाएगा। इसे बनाने के लिए गठित संयुक्त उपक्रम में एस्सार और आर्सेलरमित्तल की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी। एएम/एनएस के साथ किए गए संपत्ति समझौते में एस्सार की गुजरात, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की बंदरगाह संपत्तियां शामिल होंगी, जो इस्पात निर्माण से जुड़ी थीं। मगर ये संपत्तियां दिवालिया समाधान प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थीं।
2020 में एएम/एनएस इंडिया के गुजरात उच्च न्यायालय में पहुंचने के बाद से ही बंदरगाह संपत्तियों पर कानूनी लड़ाई चल रही थी। इससे पहले दिसंबर 2019 में एस्सार स्टील का अधिग्रहण भी दोनों पक्षों के बीच करीब दो साल तक घमासान कानूनी लड़ाई के बाद हुआ था।
नए समझौते से बंदरगाह संपत्तियों पर चल रहा कानूनी विवाद थम गया है। इन संपत्तियों में गुजरात के हजीरा में सभी मौसमों में काम करने वाले गहरे तल वाले थोक बंदरगाह टर्मिनल में 2.5 करोड़ टन सालाना क्षमता वाला जेट्टी, एएम/एनएस इंडिया के स्टील संयंत्र के समीप कैप्टिव बिजली संयंत्र, विशाखापट्टनम में सभी मौसम में उपयोग होने वाले 1.6 करोड़ टन सालाना क्षमता वाला गहरे तल का टर्मिनल, ओडिशा के पारादीप में 1.2 करोड़ टन सालाना क्षमता वाली गहरे पानी की जेट्टी शामिल हैं।
कंपनी ने कहा कि बंदरगाह संपत्तियों का पूर्ण स्वामित्व होने से एएम/एनएस इंडिया के पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिण भारत के विनिर्माण संयंत्रों तक कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही सुगम होगी तथा आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इस अधिग्रहण को एएम/एनएस की स्टील उत्पादन क्षमता वृद्धि के लिए महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी की योजना परिचालन के दबाव को कम करने और 2023 के अंत तक क्षमता 88 लाख टन करने की है। इससे 1.44 करोड़ टन क्षमता तक विस्तार की तैयारी को भी बल मिलेगा।
एस्सार पोर्ट्स ऐंड टर्मिनल्स के निदेशक रेवंत रुइया ने कहा, एस्सार पोर्ट्स ऐंड टर्मिनल्स ने अपने सभी शेयरधारकों के लिए मूल्य का सृजन किया है। हम आधुनिक बुनियादी ढांचा संपत्तियों को विकसित करने पर ध्यान देना जारी रखेंगे।’