ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एमेजॉन भारत में अपने उपकरणों का विनिर्माण शुरू करने जा रही है। यह कंपनी का भारत में पहला विनिर्माण संयंत्र होगा। कंपनी ने दोहराया है कि वह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम में अपना योगदान देने में पीछे नहीं रहना चाहती है।
एमेजॉन अनुबंध पर काम करने वाली कंपनी क्लाडड नेटवर्क टेक्नोलॉजी के साथ विनिर्माण की दिशा में अपना प्रयास शुरू करेगी। क्लाउड नेटवर्क टेक्नोलॉजी, फॉक्सकॉन की सहायक इकाई है और यह इस वर्ष के अंत में चेन्नई में उत्पादन शुरू करेगी।
एमेजॉन उपकरण विनिर्माण योजना के तहत हर साल लाखों फायर टीवी स्टिक तैयार करेगी और भारत में ग्राहकों की मांग पूरी करेगी। कंपनी घरेलू मांग के अनुसार देश के दूसरे हिस्से में भी विनिर्माण की संभावनाएं तलाशेगी। एमेजॉन इंडिया के अमित अग्रवाल (ग्लोबल सीनियर वाइस प्रेसिडेंड एवं कंट्री लीडर) ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने में एमेजॉन अपना योगदान देने के लिए तत्पर है और इसमें भारत सरकार के साथ साझेदारी के लिए तैयार है। 1 करोड़ लघु एवं मझोले कारोबारों के डिजिटलीकरण में मदद करने के लिए हमने 1 अरब डॉलर निवेश करने की योजना तैयार की है। इससे भारतीय कारोबार दुनिया भर में अपने उत्पाद बेच पाएंगे और देश से करीब 10 अरब डॉलर मूल्य का संचयी निर्यात का आंकड़ा हासिल करने में मदद मिलेगी। इससे 2025 तक रोजगार के अतिरिक्त 10 लाख करोड़ अवसर भी पैदा होंगे।’
अग्रवाल ने अपनी कंपनी की योजना की विभिन्न बातों से मंगलवार को संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद को अवगत कराया था। प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया ट्विटर पर कहा कि भारत निवेश का एक प्रमुख केंद्र है और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी उत्पाद उद्योग में आपूर्ति व्यवस्था में एक बड़ी कंपनी बनने के करीब पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि उत्पाद संबद्ध प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) को पूरी दुनिया से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।
प्रसाद ने कहा, ‘चेन्नई में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की एमेजॉन की घोषणा का हम स्वागत करते हैं। इससे घरेलू स्तर पर उत्पादन बढऩे के साथ ही रोजगार सृजन की क्षमताओं में भी इजाफा होगा।’ उन्होंने कहा कि एमेजॉन की घोषणा से आत्म निर्भर भारत बनने का हमारा लक्ष्य भी आगे बढ़ेगा। प्रसाद ने कहा कि उन्होंने एमेजॉन से भारतीय कारीगरों द्वारा तैयार वस्तुओं और आयुर्वेद के उत्पाद ई-कॉमर्स माध्यम से वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए कहा है। प्रसाद ने कहा कि एमेजॉन को भारत में कुछ पूरी तरह डिजिटल सेवाओं से लैस गांव विकसित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, ‘एमेजॉन को छोटे स्थानीय दुकानदारों के साथ भी काम करना चाहिए और कंपनी को अपना कारोबार बढ़ाने की मुहिम में उन्हें भी साझेदार बनाना चाहिए।’
वर्ष 2020 में एमेजॉन ने लोकल शॉप्स ऑन एमेजॉन कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम की शुरुआत खुदरा कारोबारियों और स्थानीय दुकानदारों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया था।