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कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए Amazon ने 45 सरकारी बिक्री भंडार और एनजीओ साझेदारों से मिलाया हाथ

Amazon India के बुधवार को बयान में कहा, ‘‘ ग्राहक भारत के 25 राज्यों के विभिन्न क्षेत्रीय शिल्पों के 1.5 लाख से अधिक उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं।"

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भाषा   
Last Updated- August 07, 2024 | 11:32 AM IST

ई-वाणिज्य क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एमेजॉन इंडिया (Amazon India) ने स्थानीय कारीगरों तथा ग्राहकों के बीच की खाई को पाटने और हाशिए पर मौजूद बुनकर समुदायों को आर्थिक अवसर प्रदान करने के लिए भारत में 45 से अधिक सरकारी बिक्री भंडारों, गैर सरकारी संगठनों तथा व्यापार निकायों के साथ साझेदारी की है।

कंपनी के बुधवार को बयान में कहा, ‘‘ ग्राहक भारत के 25 राज्यों के विभिन्न क्षेत्रीय शिल्पों के 1.5 लाख से अधिक उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं। अमेजन बिस्वा बांग्ला, पंथोइबी, गरवी गुर्जरी, हाउस ऑफ हिमालया और अन्य सहित 35 से अधिक राज्य बिक्री भंडार (एम्पोरियम) के माल को पेश करेगा।

बयान के अनुसार, 2,500 से अधिक ‘मास्टर’ बुनकर, सहकारी समितियां, कारीगर तथा कपड़ा, कुटीर उद्योग और जनजातीय कल्याण जैसे विभिन्न मंत्रालयों के तहत सरकारी संगठन ऑनलाइन बिक्री के लिए ‘अमेजन.इन’ से जुड़ चुके हैं।

अमेजन के मुताबिक, उसका वार्षिक Amazon कारीगर कार्यक्रम स्वदेशी कला और शिल्प को पुनर्जीवित करने में सक्षम बनाता है। साथ ही स्थानीय विक्रेताओं को अपने माल को व्यापक उपभोक्ताओं तक पहुंचान के लिए ऑनलाइन सूचीबद्ध करने और बेचने के लिए मंच प्रदान करता है।

First Published : August 7, 2024 | 11:32 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)