लॉजिस्टिक्स कारोबार से राजस्व बढ़ाएगी अदाणी पोट्र्स

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 3:16 AM IST

तरजीही लॉजिस्टिक्स साझेदार बनने के इरादे से अदाणी पोट्र्स ऐंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) की योजना अपने पोर्ट कार्गो का विस्तार जारी रखने और लॉजिस्टिक्स सेवाओं पर ध्यान बनाए रखने की है ताकि राजस्व में इसकी हिस्सेदारी में इजाफा हो।

वित्त वर्ष 21 की सालाना रिपोर्ट में कंपनी ने कहा है कि अभी भारत के एग्जिम कार्गो में उसकी बाजार हिस्सेदारी 25 फीसदी है। कंपनी ने कहा, हमारा इरादा साल 2025 तक 50 करोड़ टन कार्गो की डिलिवरी के जरिए इस स्थिति को बनाए रखने का है और भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 40 फीसदी पर पहुंचाने का है।

वित्त वर्ष 21 में एपीएसईजेड ने 24.7 करोड़ कार्गो वॉल्यूम संभाला, जो पिछले साल के मुकाबले 11 फीसदी ज्यादा है जबकि भारत के सभी बंदरगाहों पर 5 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। कंपनी की नियोजित पूंजी पर रिटर्न को साल 2025 तक 20 फीसदी से ऊपर ले जाना है जबकि सालाना रिपोर्ट के मुताबिक गौतम अदाणी की अगुआई वाली कंपनी ने वित्त वर्ष 21 में नियोजित पूंजी पर 12 फीसदी रिटर्न दर्ज किया।

कंपनी ने कहा, हमारे परिपक्व बंदरगाह और नए अधिग्रहीत बंदरगाह में बढ़ोतरी हो रही है क्योंंकि बढ़त वाले दोनों इंजन मुक्त नकदी सृजन में इजाफा कर रहे हैं। धामरा और कट्टुपल्ली बंदरगाह का अधिग्रहण क्रमश: 2015 व 2018 में हुआ और कंपनी का कहना है कि इन दोनों में निवेश पर रिटर्न सकारात्मक हो गया है।

साल के दौरान कंपनी ने चार अधिग्रहण – कृष्णापत्तनम पोर्ट, गंगावरम पोर्ट, दिघी पोर्ट और सरगुजा रेल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड – किया। इसके अलावा कंपनी ने जॉन कील्स और एसएलपीए की साझेदारी में कोलंबो पोर्ट पर कंटेनर टर्मिनल बनाने की भी घोषणा की। 

कंपनी ने साल 2019 में ऐलान किया था कि वह म्यांमार में कंटेनर टर्मिल बनाने जा रही है, लेकिन वहां हुई हिंसा के बाद उभरते हालात पर नजर रखी जा रही है, जिसने काफी अनिश्चितता पैदा की है और इस परियोजना को त्यागने की योजना है। लॉजिस्टिक्स कारोबार को कंपनी ने आगे बढ़ाया और अपने रेलवे रोलिंग स्टॉक बिजनेस को विशाखित किया ताकि भारतीय रेल के समान्य इस्तेमाल वाले वैगन निवेश योजना में हुए बदलाव का फायदा लिया जा सके। इससे कंपनी को खदान से कच्चे माल के परिवहन के लिए 16 नए रेक के परिचालन का अनुबंध मिला, जिसका परिवहन पहले पोर्ट से ही करने की इजाजत थी।

सालाना रिपोर्ट में कहा गया है, हमने इस अवधि में 3 करोड़ वर्गफुट वेयरहाउसिंग क्षमता पर नजर रखी है और ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। कंपनी का इरादा साल 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट पोर्ट कंपनी बनने का है।

First Published : June 27, 2021 | 11:12 PM IST