देश के दो दिग्गज कारोबारी समूह अदाणी और जेएसडब्ल्यू सीमेंट क्षेत्र की दिग्गज अंबुजा सीमेंट्स को खरीदने की होड़ में उतर गए हैं। दोनों ने पिछले हफ्ते ही इस कंपनी के लिए गैर बाध्यकारी बोलियां लगाई हैं। सौदे की करीबी जानकारी रखने वाले एक बैंकर ने बताया कि इस खरीद के लिए रकम के वास्ते दोनों समूहों ने कुछ निजी इक्विटी फंडोंं के साथ हाथ मिलाया है और यह भी बताया है कि वे सौदा कब तक पूरा करेंगे।
आदित्य बिड़ला समूह की अल्ट्राटेक भी इस दौड़ मेंं है मगर सौदा पूरा होने में देर हो सकती है क्योंकि इसके लिए भारतीय प्रतिस्पद्र्घा आयोग (सीसीआई) से मंजूरी की जरूरत होगी, जिसमें समय लगेगा। अंबुजा सीमेंट की प्रवर्तक होल्सिम है और स्विट्जरलैंड की इस कंपनी ने संकेत दिए कि वह सौदा जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है और बोली लगाने वाली जो भी कंपनी सबसे पहले सौदा पूरा करने की बात कहेगी, उसे ही कंपनी सौंप दी जाएगी।
बैंकर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, ‘गैर बाध्यकारी बोलियों पर फैसला दो बातेंं देखकर किया जाएगा: पहली, नकद पेशकश कितनी है और दूसरी सौदा पूरा करने में वक्त कितना लगेगा। इसलिए अगर कोई कंपनी बड़ी बोली लगाती है मगर सरकार से मंजूरी हासिल करने में उसे ज्यादा समय लग रहा होगा तो उसे दूसरों से अधिक वजन नहींं दिया जाएगा।’ जेएसडब्ल्यू समूह ने अधिग्रहण के लिए अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंंट की अगुआई में कुछ निजी इक्विटी फंडों से हाथ मिलाया है। अदाणी समूह अपनी नकदी के दम पर और खाड़ी के कुछ सॉवरिन फंडों की मदद से पेशकश कर रहा है।
बैंकर ने बताया कि गैर-बाध्यकारी बोली स्वीकार होने के बाद होल्सिम केवल उन्हीं कंपनियों से बातचीत करेगी और बोली जीतने वाले के सामने अपने सभी आंकड़े खोल देगी।
होल्सिम की ओर से बिक्री की प्रक्रिया गोल्डमैन सैक्स चला रही है। होल्सिम के शेयरधारकों की सालाना बैठक 4 मई को होनी है और उसी समय कंपनी इस बारे में घोषणा भी कर सकती है। बैंकर ने कहा, ‘किसी को नहीं पता कि अधिग्रहण पर आखिर में कितना खर्च आएगा मगर मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से न्यूनतम बोली मूल्य कम से कम 76,000 करोड़ ररुपये होना चाहिए। इसमें खुली पेशकश भी शामिल होगी।’ मगर बैंकरों को लगता है कि अदाणी समूह काफी आक्रामक बोली लगाएगा क्योंकि वह सीमेंट उद्योग में दाखिल होना चाहता है।
अंबुजा सीमेंट्स को खरीदने वाला सीमेंट उद्योग में दूसरे स्थान पर काबिज हो सकता है। जेएसडब्ल्यू सीमेंट्स की मौजूदा उत्पादन क्षमता सालाना 1.4 करोड़ टन की है। उत्तर भारत में 15 लाख टन और पूर्वी भारत में 70 लाख टन क्षमता विस्तार पूरा होने के साथ अंबुजा की कुल क्षमता 4 करोड़ टन सालाना की हो जाएगी। इसकी सहायक इकाई एसीसी की सालाना उत्पादन क्षमता 3.3 करोड़ टन है, जिससे अगले कुछ वर्षों में कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 7.3 करोड़ टन हो जाएगी।