facebookmetapixel
Advertisement
केसरिया जर्सी पर विवाद, भारतीय हॉकी की नीली पहचान पर बहसट्रंप का दावा: युद्ध खत्म करने के समझौते की रूपरेखा तैयार, फिलहाल हमले टलेयुवाओं पर पीएम मोदी का फोकस, नशा-मुक्त भारत अभियान के तहत लाखों युवाओं को दिलाई नशा विरोधी शपथअमेरिका में दवा बनाने की जल्दी नहीं, टैरिफ के खतरे के बावजूद भारत में ही रहेगा कंपनियों का विनिर्माणउदारीकरण के 35 साल: 1991 में सेंसेक्स में थीं जो 30 कंपनियां, उनमें अब 7 ही बचीं; बेंचमार्क सूचकांक में आया बड़ा बदलावबिज़नेस स्टैंडर्ड सर्वेक्षण: रीपो दर में बदलाव के नहीं आसार, अगली बैठक में हो सकता है बड़ा फैसलानिवेश में जोरदार उछाल या आंकड़ों का भ्रम? 4 परमाणु परियोजनाओं ने बदल दी पूरी तस्वीर45% घटा हाईवे निर्माण, पश्चिम एशिया संकट और बिटुमन की कमी बनी बड़ी वजहनई ईपीएफ योजना में बदला कायदा क्या है नुकसान और क्या है फायदा?IT Funds: जुलाई की रिकॉर्ड तेजी के बीच निवेशकों ने निकाला पैसा, मुनाफावसूली या रणनीति में बदलाव

अदाणी ग्रुप की टेलीकॉम सेक्टर में प्रवेश की योजना नहीं

Advertisement
Last Updated- January 19, 2023 | 10:28 PM IST
Adani Group recovers from losses after Hindenburg report, m-cap crosses Rs 2 trillion even before election results हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुए नुकसान से उबर गया Adani Group, चुनाव नतीजों से पहले ही m-cap 2 ट्रिलियन के पार

अरबपति गौतम अदाणी के स्वामित्व वाले अदाणी समूह ने गुरुवार को कहा कि देश के टेलीकॉम सेक्टर में प्रवेश करने की उसकी कोई योजना नहीं है। अदाणी ने बंदरगाह से लेकर ऊर्जा क्षेत्र तक अपना कारोबार विस्तार करने के बाद अब एक मीडिया कंपनी का स्वामित्व हासिल किया है।

हालांकि अदाणी समूह भारत के दूरसंचार क्षेत्र से दूर बना हुआ है, जिसमें प्रतिस्पर्धी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जियो के जरिये दबदबा बनाया है। जियो 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से ही सस्ती सेवाएं मुहैया करा रही है।

दूरसंचार क्षेत्र में प्रवेश करने की कोई योजना नहीं

अदाणी समूह के मुख्य वित्तीय अ​धिकारी जुग​शिंदर सिंह ने मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमारी दूरसंचार क्षेत्र में प्रवेश करने की कोई योजना नहीं है।’

अदाणी एंटरप्राइजेज की इकाई अदाणी डेटा नेटवर्क्स ने पिछले साल हुई नीलामी में करीब 2.7 करोड़ डॉलर में स्पेक्ट्रम की खरीदारी की थी।

हालां​कि, कंपनी ने कहा है कि उसने उपभोक्ता सेवाएं मुहैया कराने की योजना नहीं बनाई है और इसके बजाय उसने निजी 5जी नेटवर्क क्षेत्र में प्रवेश करने का लक्ष्य रखा है।

समूह द्वारा सीमेंट और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तेज विस्तार ने भी उसके ऊंचे कर्ज स्तरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं उसकी बड़ी प्रवर्तक शेयरधारिता जांच के दायरे में है।

Advertisement
First Published - January 19, 2023 | 10:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement