अदाणी ग्रीन ने एस्सेल की सौर परिसंपत्तियों का अधिग्रहण पूरा किया

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 14, 2022 | 11:24 PM IST

वर्ष 2025 तक 25 गीगावॉट (जीडब्ल्यू) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के अपने लक्ष्य के अनुरूप अदाणी ग्रुप की अक्षय ऊर्जा इकाई अदाणी ग्रीन ने एक चालू सौर परिसंपत्ति के अपने पहले अधिग्रहण को पूरा कर लिया है। कंपनी ने आज एस्सेल समूह की कंपनियों से 1,300 करोड़ रुपये की सौर परिसंपत्तियों की खरीद को पूरा करने की घोषणा की है।
कंपनी ने एक बयान में कहा है कि उसने एस्सेल ग्रीन एनर्जी और एस्सेल इन्फ्राप्रोजेक्ट्स से 205 मेगावॉट की चालू सौर परिसंपत्तियों का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। अदाणी ग्रीन की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई अदाणी रीन्यूएबल एनर्जी टेन लिमिटेड में अधिग्रहीत परिसंपत्तियां अदाणी ग्रीन के पास होंगी। कंपनी ने एस्सेल से इन परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए अगस्त 2019 में निश्चित समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।
एस्सेल ग्रुप अपना प्रवर्तक ऋण बोझ घटाने के क्रम में सड़क एवं बिजली सहित गैर-मीडिया परिसंपत्तियों को बेच रहा है। दिसंबर 2019 के अनुसार, एस्सेल ग्रीन एनर्जी के पास 665 मेगावॉट क्षमता में से 575 मेगावॉट की क्षमता पूरे होने के विभिन्न चरणों में थी।
अदाणी ग्रीन एनर्जी के प्रबंधन निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी विनीत जैन ने कहा, ‘इन 205 मेगावॉट क्षमता सौर की परिसंपत्तियों के अधिग्रहण से हमारे पोटफोलियो का दायरा उन राज्यों में बढ़ेगा जहां हम पहले से ही मौजूद हैं और हमें परिचालन संबंधी विशेषज्ञता प्राप्त है। हम अपने शेयरधारकों को उल्लेखनीय मूल्य डिलिवर करेंगे।’

फर्मों संग एसबीआई के रिश्ते कर्ज देने तक सीमित नहीं
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का कॉरपोरेट ग्राहकों को लेकर दृष्टिकोण में बदलाव आया है। कंपनियों के साथ उसके रिश्ते अब केवल कर्ज देने तक ही सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि उससे आगे भी बढ़े हैं। एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने गुरुवार को ये बातें कही। उन्होंने देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर के साथ गठजोड़ की घोषणा करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, कॉरपोरेट जगत के साथ हमारे संबंध महज ऋण प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है बल्कि उससे भी बढ़कर हैं। पिछले कुछ वर्षों में हमने ध्यान केंद्रित करने में बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट के पास एक बड़ी पारिस्थितिकी होती है, जिसमें आपूर्ति शृंखला, लॉजिस्टिक्स और उनके अपने कर्मचारियों शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान यूनिलीवर के साथ गठजोड़ इसी दिशा में उठाया गया एक अग्रणी कदम है। देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) के साथ मिलकर छोटे दुकानदारों को आसान ऋण उपलब्ध कराएगा। भाषा

First Published : October 1, 2020 | 11:19 PM IST