facebookmetapixel
Advertisement
SEBI का बड़ा प्रस्ताव: सभी निवेशकों को मिल सकती है DMA की सुविधाअब NCR रियल एस्टेट पर नेशनल डेवलपर्स की नजर, 4 साल में चार गुना बढ़ी हिस्सेदारीAkasa Air IPO: 2-4 साल में आएगा आकासा एयर का आईपीओ, FY27 में 30-40% क्षमता बढ़ाने का लक्ष्यInfosys को AI से बड़े मौके की उम्मीद, 2030 तक 300-400 अरब डॉलर के अवसर पर नजरघर का सोना बना ATM! गोल्ड लोन की डिमांड में 84% उछाल, यूपी में सबसे तेज ग्रोथSmall Cap Funds में पैसा लगाने से पहले DSP MF ने पूछे बड़े सवाल, क्या आप वाकई हैं तैयार?NSE IPO: कमाई का मौका या जोखिम का खेल? पैसा लगाने से पहले जान लें पूरी तस्वीरलाइफ साइकिल फंड में निवेश से पहले जान लें ये 10 जरूरी बातें, नहीं होगा बाद में पछतावाATM से कैश नहीं निकला और पैसा कट गया? जानिए बैंक कितने दिनों में लौटाएगा रकमAI शेयरों का बुल रन खतरे में? कोस्पी और स्पेसएक्स की गिरावट ने बढ़ाई चिंता

चीनी की कीमत में कमी के हैं आसार

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 6:41 AM IST

चीनी की अच्छी पैदावार, सही मानसून की दस्तक और बंपर स्टॉक के चलते चीनी की कीमतें दबाव में दिखाई देने लगी है।


मानसून आने के बाद मिल मालिकों और कारोबारियों के लिए चीनी को अपने गोदामों में देर तक रोके रखना बड़ा मुश्किल है। चीनी को नमी से बचाने के लिए जरूरी है कि वे अपने भंडार को थोड़ा ढीला करें। इस वजह से चीनी की कीमतों में अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है।

पिछले कई दिनों से चीनी की कीमतों पर कमी का दबाव दिख रहा है। जून महीने के वायदा कारोबार की एक्सपायरी तारीख 20 जून को खत्म होने वाली है, जिसके कारण चीनी वायदा में भी मंदी दिख रही है। उधर, हाजिर बाजार के संकेत भी तेजी की ओर इशारा नहीं कर रहे हैं। कल चीनी के वायदा कारोबार में 21 रुपये की भारी गिरावट हुई थी।

एनसीडीईएक्स के चीनी वायदा के मौजूदा भाव 428 रुपये से लुढक़ कर 1407 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए। वहीं दूसरी ओर हाजिर बाजार में भी चीनी की कीमत 5 रुपये नीचे खिसक गई। इसकी वजह इस समय बाजार में स्टॉक की अधिकता को बताया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, इस समय चीनी मिलों में करीब 20 लाख टन चीनी का स्टॉक पड़ा हुआ है, जिसे 6 महीने के अंदर निकालना होगा। इस महीने कोटे केअलावा 20 लाख टन चीनी मिलों को बेचना है।

बाजार में चीनी की कीमत पर छायी मंदी को लेकर चीनी कारोबारी और मुंबई शुगर मर्चेन्ट असोसिएशन के अध्यक्ष मोहन गुरनानी ने कहा कि बाजार में माल की अधिकता और खरीदारों की कमी से चीनी के भाव में नरमी है। पर इसका ये मतलब कतई नहीं कि कीमतों में कोई बहुत बड़ा उलटफेर होने वाला है।

Advertisement
First Published - June 19, 2008 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement