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पूरी होगी दाल आयातकों की मुराद

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Last Updated- December 07, 2022 | 11:03 AM IST

काफी समय से सही और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म की तलाश कर रहे दलहन कारोबारियों की मुराद अब पूरी होने जा रही है।


दलहन आयात काफी जोखिम वाला काम है क्योंकि आयातकों को अधिकतर आयात उधारी पर ही करना पड़ता है। इस क्रेडिट कारोबार के चलते इन आयातकों को हर साल लाखों रुपये का चूना लग जाता है। क्योंकि इनकेपास कोई काउंटर पार्टी गारंटी नहीं होती है लेकिन अब  इन आयातकों को नैशनल स्पॉट एक्सचेंज ने अपने साथ जुडने की शर्त पर यह गारंटी उपलब्ध कराने का वादा किया है।

पल्सेस इंपोर्टर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया और नेशनल स्पॉट एक्सचेंज के बीच हुई बैठक के बाद असोसिएशन के सदस्य एक्सचेंज की सदस्यता लेने का मन बना चुके है, तो बदले में एक्सचेंज भी उनकी परेशानियों को  दूर करने का वादा कर रहा है।

पल्सेस इंपोर्टर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के सी भरतिया ने कहा कि इस एक्सचेंज के शुरू होने से हमें एक विश्वसनीय प्लेटफॉर्म मिल जाएगा, जिससे माल बेचने और माल उठाने में आसानी होगी । दलहन के आयातकों को सबसे ज्यादा परेशानी भुगतान करने की होती थी क्योकि ज्यादातर कारोबार उधारी के रूप में होता है। इन व्यापारियों का अक्सर पैसा फंस जाता है और इन्हे डिफॉल्ट होने का सामना करना पड़ता है। लेकिन नैशनल एक्सचेंज द्वारा नकद भुगतान की सुविधा,भुगतान और निपटारे की जिम्मेदारी लिए जाने से दलहन कारोबारियों की परेशानियों में कमी आएगी।

उन्होने बताया कि इसके पहले भी एमसीएक्स से जुड़ने के लिए हमें कहा गया था लेकिन उनकी प्रक्रिया हाजिर सौदो के लिए सही नहीं थी, लेकिन नैशनल स्पॉट एक्सचेंज द्वारा फिजिकल डिलिवरी की सुविधा और 24 घंटे के अंदर भुगतान जैसी सुविधाओं ने हमें आकर्षित किया है। इस पर नैशनल स्पॉट एक्सचेंज के सीईओ अंजनि सिन्हा ने कहा कि पल्सेस असोसिएशन ने दाल की विभिन्न किस्मों में ट्रेडिंग शुरु करने की मांग की है जिसको हम जल्द ही पूरा करेंगे। उन्होने कहा कि एक्सचेंज पर बेचे गए माल को यदि इसके गोदाम में रखा जाता है तो भुगतान और निपटारे की पूरी जिम्मेदारी हमारी होगी।

पल्सेस इंपोर्टर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया के मानद सचिव के अनुसार इसका फायदा उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। दलहन की कीमतें कम होंगी क्योंकि यह ब्रोकरेज प्रति मीट्रिक टन सिर्फ 60 रुपये तय की गई है। इसलिए दलहन के आयातकों को सालाना 20 लाख मीट्रिक टन के सौदों के लिए लगभग 12 करोड रुपये ब्रोकरेज देना पडेग़ा। गौरतलब है कि भारत मे लगभग 20 लाख मीट्रिक टन दलहन का आयात होता है। मुंबई,जेएनपीटी और कांडला इसके मुख्य बंदरगाह हैं जहां आयातित दलहन उतारे जाते हैं। एक्सचेंज को महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में एक्सचेंज शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है।

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First Published - July 15, 2008 | 12:01 AM IST

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