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Credit Card Tips: गलत क्रेडिट कार्ड चुनना पड़ सकता है महंगा, सालाना ₹2 लाख तक के फायदे से चूक रहे हैं कई ग्राहक

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सही क्रेडिट कार्ड का चयन और रिवॉर्ड्स का समझदारी से उपयोग करके उपभोक्ता अपनी सालाना बचत को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

Last Updated- June 24, 2026 | 3:45 PM IST
credit card
Representative image

देश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपने कार्ड से मिलने वाले लाभों का पूरा फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। एक हालिया अध्ययन में सामने आया है कि अधिकांश कार्डधारक ऐसे क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उनकी खर्च करने की आदतों के अनुरूप नहीं हैं। इसका असर सीधे उनकी बचत और रिवॉर्ड्स पर पड़ रहा है।

पांच साल में तीन गुना से ज्यादा बढ़ा कार्ड खर्च

वित्त वर्ष 2021 से 2025 के बीच क्रेडिट कार्ड के जरिए होने वाले लेनदेन में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू ₹6.3 लाख करोड़ से बढ़कर ₹21.1 लाख करोड़ तक पहुंच गई। वहीं, लेनदेन की संख्या भी 176.4 करोड़ से बढ़कर 477.4 करोड़ हो गई।

अधिकांश ग्राहक नहीं उठा रहे पूरे फायदे

1 Finance Magazine की एक स्टडी के अनुसार, विश्लेषण किए गए करीब 92 प्रतिशत क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ता अपने कार्ड के रिवॉर्ड्स, कैशबैक और अन्य सुविधाओं का सही तरीके से उपयोग नहीं कर रहे हैं। नतीजतन, वे उन संभावित बचतों का केवल एक हिस्सा ही हासिल कर पा रहे हैं, जो सही कार्ड चुनने पर संभव हो सकती हैं।

सही कार्ड से बढ़ सकती है बचत

अध्ययन में 129 लोगों के ट्रांजैक्शन डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि औसतन कार्डधारक अपनी सालाना खर्च राशि का लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा रिवॉर्ड्स और अन्य लाभों के रूप में बचा पा रहे हैं।

हालांकि, यदि उपभोक्ता अपनी खर्च की श्रेणी और जरूरतों के अनुसार उपयुक्त क्रेडिट कार्ड चुनें और उसका बेहतर उपयोग करें, तो यह बचत 10 प्रतिशत या उससे अधिक तक पहुंच सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन परिवारों का सालाना खर्च ₹15 लाख से अधिक है, वे सबसे ज्यादा संभावित लाभ गंवा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता केवल गलत कार्ड चयन या कार्ड सुविधाओं का उचित उपयोग न करने के कारण हर साल ₹2 लाख से अधिक के रिवॉर्ड्स, कैशबैक और अन्य फायदों से वंचित रह सकते हैं।

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लोग पैसे क्यों गंवा रहे हैं?

इसका जवाब काफी आसान है। ज्यादातर लोग क्रेडिट कार्ड चुनते समय इन बातों पर ध्यान देते हैं:

• वेलकम बोनस
• ब्रांड का नाम
• बैंक के साथ पुराने संबंध
• एयरपोर्ट लाउंज की सुविधा
• आकर्षक ऑफर्स और छूट

लेकिन बहुत कम लोग यह देखते हैं कि उनका सबसे ज्यादा खर्च आखिर होता कहां है।

मान लीजिए किसी परिवार का बड़ा खर्च यात्रा, बाहर खाना खाने और ऑनलाइन शॉपिंग पर होता है। फिर भी वे ऐसा सामान्य कैशबैक कार्ड इस्तेमाल करते रहते हैं, जो इन श्रेणियों में ज्यादा रिवॉर्ड नहीं देता।

इसी तरह, जो लोग अक्सर यात्रा करते हैं, वे एयरलाइन माइल्स या होटल लॉयल्टी प्रोग्राम के जरिए ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। लेकिन कई बार वे अपने रिवॉर्ड पॉइंट्स का इस्तेमाल कम मूल्य वाले सामान खरीदने में कर देते हैं, जिससे उन्हें मिलने वाला वास्तविक लाभ कम हो जाता है।

यानी सही क्रेडिट कार्ड का चुनाव न करने और अपनी खर्च करने की आदतों का विश्लेषण न करने की वजह से लोग अनजाने में पैसे का नुकसान उठाते हैं।

वार्षिक खर्च के आधार पर संभावित और वर्तमान बचत की तुलना

अध्ययन के अनुसार, 92% क्रेडिट कार्ड धारक अपनी खर्च करने की आदतों के मुताबिक सही कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। इसके कारण वे हर साल मिलने वाली संभावित बचत और रिवॉर्ड्स का बड़ा हिस्सा गंवा रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि समस्या कम या ज्यादा खर्च करने की नहीं है, बल्कि ऐसे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने की है जो उनके वास्तविक खर्च के पैटर्न से मेल नहीं खाता।

भारत में तेजी से बढ़ रही है रिवॉर्ड कार्ड इकोनॉमी

भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही रिवॉर्ड्स की दुनिया भी पहले से कहीं ज्यादा बड़ी और जटिल हो गई है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बैंक कई तरह के फायदे दे रहे हैं, जिनमें कैटेगरी आधारित कैशबैक, एयरलाइन माइल्स, होटल पॉइंट्स, डाइनिंग डिस्काउंट, फ्यूल रिवॉर्ड्स, शॉपिंग वाउचर और एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

पहले से ज्यादा जटिल हुए रिवॉर्ड्स

पिछले पांच वर्षों की तुलना में आज क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स की संरचना काफी बदल चुकी है। ऐसे में जो ग्राहक अपने खर्च के अनुसार सही कार्ड का चयन और उपयोग नहीं करते, वे अपने नियमित खर्च पर मिलने वाले बेहतर रिटर्न से वंचित रह सकते हैं।

ज्यादा कार्ड रखना हमेशा फायदेमंद नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, बेहतर रिवॉर्ड पाने के लिए कई क्रेडिट कार्ड रखना जरूरी नहीं है। इसके बजाय ऐसे एक या दो कार्ड रखना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है जो आपकी खर्च करने की आदतों से मेल खाते हों।

क्या हो सकती है सही रणनीति?

1 Finance Magazine के अनुसार, आदर्श व्यवस्था एक या दो कार्ड की हो सकती है।

एक मुख्य कार्ड, जिससे कुल खर्च का 60-70 फीसदी हिस्सा किया जाए।
एक अतिरिक्त कार्ड, जिसका उपयोग उन खास श्रेणियों में किया जाए जहां खर्च ज्यादा होता है और बेहतर रिवॉर्ड मिलते हैं।
बिखर जाता है रिवॉर्ड का फायदा

कई लोग समय के साथ कई क्रेडिट कार्ड इकट्ठा कर लेते हैं, लेकिन उनका सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाते। इससे खर्च अलग-अलग कार्डों में बंट जाता है और रिवॉर्ड्स का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में कम लेकिन सही कार्ड चुनना अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।

रिवॉर्ड पॉइंट्स भुनाने में भी करते हैं बड़ी गलती

स्टडी में यह भी सामने आया है कि कई क्रेडिट कार्ड यूजर अपने रिवॉर्ड पॉइंट्स का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते। अधिकांश लोग पॉइंट्स को मर्चेंडाइज कैटलॉग, कम वैल्यू वाले कैशबैक या गिफ्ट आइटम्स के लिए रिडीम कर देते हैं।

हालांकि, यात्रा बुकिंग और कुछ चुनिंदा ब्रांड वाउचर के जरिए इन्हीं पॉइंट्स से कहीं ज्यादा फायदा हासिल किया जा सकता है। कई मामलों में रिडेम्प्शन वैल्यू दो से पांच गुना तक अधिक हो सकती है।

इसका मतलब है कि समान संख्या में रिवॉर्ड पॉइंट्स कमाने वाले दो लोगों को भी अलग-अलग रिडेम्प्शन विकल्प चुनने के कारण बिल्कुल अलग लाभ मिल सकता है।

एक उदाहरण से समझिए

स्टडी में अजय नाम के एक व्यक्ति का उदाहरण दिया गया है। उन्होंने अपने क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल और रिवॉर्ड रिडेम्प्शन की रणनीति में बदलाव किया। इसके बाद उनकी प्रभावी बचत दर करीब 3-4 फीसदी से बढ़कर 8.5-9 फीसदी तक पहुंच गई।

दिलचस्प बात यह है कि उन्हें यह फायदा बिना खर्च बढ़ाए मिला। बेहतर कार्ड चयन और सही रिवॉर्ड रिडेम्प्शन के कारण उन्हें सालाना लगभग 85,000 से 95,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ हुआ।

क्या है सबसे बड़ा सबक?

1 Finance Magazine के एडिटर-इन-चीफ Animesh Hardia का कहना है कि इस रिपोर्ट का मतलब लोगों को ज्यादा खर्च करने के लिए प्रेरित करना नहीं है।

उनके मुताबिक, गलत तरीका यह होगा कि लोग सिर्फ ज्यादा रिवॉर्ड पाने के लिए अधिक खर्च करना शुरू कर दें। सही तरीका यह है कि जो खर्च आप वैसे भी करने वाले हैं, उसे ऐसे क्रेडिट कार्ड के जरिए करें जो उस खर्च पर बेहतर रिवॉर्ड देता हो।

दूसरे शब्दों में, अधिक खर्च करने के बजाय अपने मौजूदा खर्च को समझदारी से मैनेज करना और सही कार्ड का इस्तेमाल करना ही असली फायदा दिला सकता है।

कार्डधारकों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड से अधिकतम फायदा उठाने के लिए इन 6 आसान कदमों का पालन किया जा सकता है:

1. पिछले 6 से 12 महीनों के खर्च की समीक्षा करें
सबसे पहले अपने पिछले 6 से 12 महीनों के लेनदेन को देखें। इससे पता चलेगा कि आपका सबसे ज्यादा खर्च किन चीजों पर होता है और साल के अलग-अलग समय में खर्च का पैटर्न कैसा रहता है।

2. खर्च को अलग-अलग श्रेणियों में बांटें
अपने खर्च को शॉपिंग, यात्रा, खाने-पीने, किराना, यूटिलिटी बिल, ईंधन और मनोरंजन जैसी श्रेणियों में विभाजित करें। इसके बाद देखें कि कौन-सा कार्ड इन श्रेणियों में बेहतर रिवॉर्ड या कैशबैक देता है।

3. कई कार्ड रखने के बजाय 1 या 2 कार्ड चुनें
बहुत सारे क्रेडिट कार्ड रखने से रिवॉर्ड बिखर जाते हैं और उन्हें संभालना भी मुश्किल हो जाता है। बेहतर होगा कि एक मुख्य कार्ड और जरूरत पड़ने पर एक पूरक कार्ड का इस्तेमाल किया जाए।

4. बोनस और माइलस्टोन लाभों का पूरा फायदा उठाएं
कई कार्ड एक निश्चित खर्च पूरा करने पर अतिरिक्त रिवॉर्ड पॉइंट्स या विशेष लाभ देते हैं। अपने खर्च को इस तरह प्लान करें कि इन लाभों का फायदा मिल सके।

5. पॉइंट्स को सही जगह रिडीम करें
रिवॉर्ड पॉइंट्स को कम मूल्य वाले उत्पादों पर खर्च करने के बजाय यात्रा बुकिंग, ब्रांड वाउचर या विशेष रिडेम्पशन पोर्टल्स पर इस्तेमाल करें। इससे पॉइंट्स की वास्तविक वैल्यू कई गुना बढ़ सकती है।

6. क्रेडिट कार्ड को वित्तीय योजना का हिस्सा बनाएं
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ खर्च करने के लिए नहीं, बल्कि पैसे बचाने और नकदी प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए करें। इससे बचाए गए पैसे को निवेश या अन्य वित्तीय लक्ष्यों में लगाया जा सकता है।

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First Published - June 24, 2026 | 3:45 PM IST

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