facebookmetapixel
Advertisement
अच्छे दिनों में राजकोषीय गुंजाइश न बनाना भारत की बड़ी भूल, आर्थिक संकट में विकल्प हुए सीमितEditorial: फेड चीफ के सख्त रुख और ब्याज दर बढ़ने के डर से सहमा ग्लोबल मार्केटफार्मा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क के सिस्टम में बड़ी सेंधमारी, हैकर्स ने मांगी 2.5 करोड़ डॉलर की फिरौतीमहंगाई दर को लेकर सतर्क रहना जरूरी, नीतिगत दरों में बदलाव के लिए करना होगा इंतजार: RBIटेलीग्राम बैन पर केंद्र सरकार के फैसले को दिल्ली HC की मंजूरी, कोर्ट ने कहा: यह कदम अनुचित नहींमुकेश अंबानी का बड़ा बयान: आयातित ऊर्जा पर निर्भरता लंबे समय के लिए ठीक नहीं, ग्रीन एनर्जी में निवेश बढ़ाएगी RILईशा अंबानी का मेगा प्लान: ₹1 लाख करोड़ के राजस्व लक्ष्य के साथ देश की सबसे बड़ी FMCG कंपनी बनेगी RCPLमुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान: जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा AI कंप्यूट प्लेटफॉर्म बनाएगी रिलायंसGold Price Crash: फेड के सख्त रुख और मजबूत डॉलर से टूटा सोना, लगातार तीसरे सप्ताह आई भारी गिरावटReliance Stocks: JIO IPO से चमकेगी रिलायंस की किस्मत, शेयरों की रेटिंग में बड़े सुधार के संकेत

जगमगा रहा है रोशनी का बाजार

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 1:01 AM IST

अंतरराष्ट्रीय मंदी के गहराने की गूंज भले ही देश के तमाम कारोबारों में सुनने को मिल रही है लेकिन रोशनी और साज-सज्जा के लिए मशहूर दीपावली में रोशनी और सजावट का बाजार इस बार भी खूब जगमगा रहा है।


पिछले साल की तुलना में इस बार इन चीजों के कारोबार में करीब 20 फीसदी की वृद्धि हो चुकी है। कारोबरियों के मुताबिक, तेल की कीमतों के बूम पर होने से इस दीवाली पर परंपरागत मिट्टी के दीयों की बजाय चाइनीज दीयों की धूम है।

चांदनी चौक स्थित मॉडर्न डेकोरेशन के राहुल गुप्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि दिवाली के मौके पर रोशनी और सजावटी सामानों की मांग इस बार 20 फीसदी तक बढ़ गयी है। वैसे तो इन चीजों की मांग शादी-ब्याह और कुछेक त्योहारों पर भी होती है, लेकिन दिवाली में इनकी मांग सबसे ज्यादा बढ़ जाती है।

गुप्ता का दावा है कि रोशनी और सजावट के सालाना कारोबार का लगभग 60 फीसदी तो दीवाली के मौके पर ही निपट जाता है। खान मार्केट के कैपिटल इलेक्ट्रिकल्स के प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि आजकल बाजार में रोशनी और सजावट के अनेक सामान हर रेंज में मौजूद हैं। टिमटिमाने वाली बहुरंगी लाइट 175 से 225 रुपये में मिल जा रही है।

चांदी के दीये की कीमत 200 से 250 रुपये है। उनकी मानें तो इस दिवाली में दीये लगी लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियों की काफी मांग है जो 250 रुपये के रेंज में मौजूद है। करोलबाग के डेकोरेशन वर्ल्ड के रमेश कुमार सिन्हा ने बताया कि तेल की कीमतों में लगी आग से लोग अब परंपरागत दीयों का विकल्प तलाश रहे हैं। इस चलते चीनी लैंपों और दीयों की मांग में खासा इजाफा हुआ है।

मौके की नजाकत को भांपकर कारोबारियों ने बाजार में चीनी लैंपों की बाढ़ सी लगा दी है। सिन्हा ने बताया कि अब मिट्टी के दीयों को चीनी दीयों से खतरा दिख रहा है। इसकी एक दूसरी वजह भी है कि ये दीये ज्यादा टिकाऊ होते हैं।

बाजार में आने वाले ज्यादातर लोग अब चीनी दीयों की खूब मांग कर रहे हैं। ये दीये कई सारे मॉडलों में उपलब्ध हैं। लक्ष्मी नगर के एक कारोबारी इस बात से इनकार करते हैं कि परंपरागत दीयों का बाजार खतरे में है। बहुत सस्ता होने के चलते इनकी मांग बरकरार है। यह जरूर है कि लोग अब रेडीमेड सामान का रुख कर रहे हैं।

Advertisement
First Published - October 21, 2008 | 11:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement