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तेल की धार पर ओपेक ने खड़े किए हाथ

Last Updated- December 07, 2022 | 8:44 AM IST

ओपेक अध्यक्ष और अल्जीरिया के ऊर्जा मंत्री चकीब खलील ने कहा है कि इस समय कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए जरूरी निवेश को लेकर तेल उत्पादकों के बीच जबरदस्त अनिश्चितता का माहौल है।


खलील ने ये बातें सोमवार को वर्ल्ड पेट्रोलियम कांग्रेस में हिस्सा लेते हुए मैड्रिड में कही। इसी सम्मेलन में भाग लेने गए ईरान के तेल मंत्री गुलाम हुसैन नोजारी ने मंगलवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति आवश्यकता से ज्यादा है लिहाजा ओपेक को उत्पादन नहीं बढ़ाना चाहिए।

ओपेक अध्यक्ष और ईरान के तेल मंत्री के बयान के साथ ही दुनिया भर में मौजूद राजनीतिक तनाव के चलते मंगलवार को वायदा बाजार में कच्चे तेल की कीमत ने 141 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर लिया। खलील के शब्दों में-”फिलहाल कच्चे तेल के उत्पादक आने वाले दिनों में इसकी मांग क्या होगी, को लेकर गहरे असमंजस में हैं। यही नहीं, इस समय उत्पादन और विपणन हर क्षेत्र में निवेश के निर्णय करने में तमाम खतरे और अनिश्चितताएं हैं।”

उन्होंने कहा कि भविष्य में कच्चे तेल की मांग क्या होगी, इसके बारे में हमें एक सटीक आकलन और आश्वासन की जरूरत है। खलील ने उत्पादकों को संबोधित करते हुए कहा कि कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए ओपेक देशों द्वारा किए जाने वाले निवेश को लेकर तमाम अनिश्चितताएं हैं।  इस बीच, दुनिया भर में व्याप्त राजनीतिक तनाव एवं अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से मंगलवार को तेल की कीमत ने 141 डॉलर प्रति बैरल को पार कर लिया।

माना जा रहा है कि तेल की कीमतें बढ़ने की मुख्य वजहों में अमेरिकी डॉलर का लगातार कमजोर होता जाना भी है। न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में अगस्त डिलिवरी का मुख्य वायदा अनुबंध के तहत लाइट स्वीट कच्चा तेल 1.40 डॉलर बढ़कर 141.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अगस्त डिलिवरी वाले ब्रेंट नार्थ सी का भाव 1.50 डॉलर बढ़कर 143.33 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

First Published - July 1, 2008 | 10:29 PM IST

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