चीनी उद्योग ने एक बार आरोप लगाया है कि तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) स्थापित चीनी मिलों और केंद्र सरकार की रियायती ऋण योजना का हिस्सा नहीं बनने वालों के साथ एथनॉल खरीद के दीर्घकालिक अनुबंध करने से हिचकिचा रही हैं। मिलों ने कुछ दिन पहले केंद्रीय खाद्य और पेट्रोलियम सचिवों को लिखे पत्र में कहा था कि जब तक ओएमसी अपनी खरीद योजनाओं में सुधार नहीं कर लेतीं, तब तक चीनी कंपनियों द्वारा अपनी एथनॉल विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किए जाने वाले महत्त्वपूर्ण निवेश पर सवाल खड़ा रहेगा, जिससे वर्ष 2025 तक 20 प्रतिशत के मिश्रण कालक्ष्य प्रभावित हो सकता है। जानकारियों के मुताबिक इन तेल विपणन कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि एथनॉल की आपूर्ति के लिए अनुबंध देने की खातिर कोई तरजीह नहीं है तथा उनकी नीति के अंतर्गत एथनॉल आपूर्ति मिश्रण का रुख गन्ने से अनाज की ओर मोडऩे का इरादा है।