अंतरिम बजट में अपेक्षा करना बिल्कुल ठीक नहीं था इस लिहाज से यह बजट ठीक ही कहा जा सकता है। इस बजट में भी किसान और कृषि क्षेत्र की बात की गई। कृषि पर तवज्जो दिए जाने पर कॉर्पोरेट जगत को हर बार दुख होता है इसलिए इस बार भी ऐसा ही हुआ। सरकार ने […]
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अगर हम शिक्षा क्षेत्र की बात करें तो उच्च शिक्षा ही ऐसा क्षेत्र है, जहां बजट मेहरबान हुआ है। 2008-09 के 11,340 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमानों को बढ़ाकर इस क्षेत्र में अंतरिम बजट में 13,179 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। 2008-09 में इस क्षेत्र में 10,852 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया […]
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देश की सुरक्षा को तवज्जो देते हुए इस अंतरिम बजट में वर्ष 2009-10 में रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाकर 1,41,703 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वर्ष 2008-09 के मुकाबले आवंटन में 33 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि पूंजीगत परिव्यय का 7007 करोड़ रुपये बिना इस्तेमाल के सशस्त्र बलों ने वापस कर […]
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संप्रग सरकार के बैनर तले ग्रामीण क्षेत्रों में आमदनी का जरिया उपलब्ध कराने वाली राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) में 2009-10 के अंतरिम बजट में 30,100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो इस साल के संशोधित अनुमान से केवल 100 करोड़ रुपये ज्यादा है। इस योजना के लिए 2008-09 के लिए बजट […]
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आमतौर पर बजट भाषण के दौरान विपक्षी दल बहुत हल्ला हंगामा करते हैं। लेकिन इस बार कार्यवाहक वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट भाषण के दौरान विपक्षी दलों ने बिल्कुल शोर नहीं मचाया। हालांकि जद(एस) के केरल के सांसद वीरेंद्र कुमार की तबीयत खराब होने पर लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने 10 मिनट के लिए […]
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चार साल से तेजी से भागती एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अचानक धीमी हो गई है। इसका कारण एशियाई चीते की राह में आई वित्तीय सुनामी और राजनीतिक रुकावटें हैं। मंदी की मार और चुनावी सरोकार के चलते आर्थिक विकास अगले वर्ष भी ठहरा रह सकता है। फिलहाल स्थिति यह है कि अर्थव्यवस्था के […]
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वित्तीय वर्ष 2009-10 के लिए लोक सभा में पेश किए गए अंतरिम बजट से उद्योग जगत ने काफी उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन बजट के बाद उद्योग जगत की प्रतिक्रिया नकारात्मक ही रही है। बिजेनेस स्टैंडर्ड ने इस बजट पर विशेषज्ञों एवं अर्थशास्त्रियों की नब्ज टटोलने की कोशिश की: वर्ष 2009-10 में ऋण वृद्धि 20-21 फीसदी […]
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प्रणब मुखजी द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट में आज एकमात्र आर्थिक प्रोत्साहन उपाय की घोषणा की गई। इसके अंतर्गत कुछ मजदूर बहुल क्षेत्र में काम करने वाले निर्यातकों के लिए ब्याज दर में मिलने वाली छूट योजना को छह महीनों के लिए बढ़ा दिया गया है। यह योजना, जिसके तहत निर्यात संबंधी ऋणों की […]
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वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को पेश 2009-10 के अंतरिम बजट में किसानों को सस्ते कर्ज देते रहने की घोषणा की। मुखर्जी के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में 7 फीसदी की ब्याज दर से 3 लाख रुपये तक के लघु अवधि फसल ऋण किसानों को मिलेंगे। बजट में हालांकि बताया गया कि 2009-10 के […]
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देश का तीव्र आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए भले ही बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाए जाने की बात की जाती रही हो, पर 2009-10 का अंतरिम बजट इस क्षेत्र के लिए बहुत उत्साहवर्द्धक नहीं रहा है। पिछले बजट की तुलना में इस बजट में ऊर्जा और परिवहन क्षेत्रों के आवंटन में मामूली बढ़ोतरी की […]
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