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Electric Vehicles: सभी ईवी में बजाज आगे

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बजाज ऑटो बनी भारत की सबसे बड़ी ईवी निर्माता, सितंबर में 25,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन बेचे

Last Updated- September 30, 2024 | 10:44 PM IST
Bajaj Auto Q4 results

बजाज ऑटो देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की सभी श्रेणियों में बिक्री के लिहाज से सबसे बड़ी वाहन कंपनी बन गई है। सितंबर के महीने में अब तक बिक्री और पंजीकरण 25,000 से ज्यादा हो गए हैं। कंपनी द्वारा वितरण विस्तार में बड़े स्तर पर किए गए प्रयास तथा इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की लगातार मांग के कारण ऐसा संभव हुआ है।

कंपनी 30 सितंबर तक 17,570 इलेक्ट्रिक दोपहिया, 4,575 तिपहिया और कम रफ्तार वाली 3,000 युलु बाइक बेच चुकी है। ये कंपनी के आधिकारिक बिक्री आंकड़े हैं। युलु बाइक को चलाने के लिए किसी तरह के लाइसेंस की जरूरत नहीं होती है और यह ‘वाहन’ पर पंजीकृत नहीं है। बजाज इनका उत्पादन उस कंपनी के लिए करती है, जिसमें उसकी हिस्सेदारी है।

‘वाहन’ के आंकड़ों के आधार पर अगस्त में ओला शीर्ष स्थान पर थी, भले ही उसने केवल इलेक्ट्रिक स्कूटर ही बेचे थे और 27,586 वाहनों का पंजीकरण किया गया था। बजाज 24,817 वाहन बिक्री के साथ उसके पीछे थी। यह इसकी तीनों इलेक्ट्रिक श्रेणियों की कुल बिक्री है। हालांकि भावीश अग्रवाल की ओला 22,917 वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया में अब भी पहले स्थान पर बनी हुई है।

लेकिन सितंबर में दूसरे स्थान वाली बजाज ऑटो (टीवीएस को तीसरे स्थान पर धकेल कर, जिसकी अब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है) के बीच अंतर कम हो रहा है। 30 सितंबर तक बजाज की अब 21.4 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है जबकि ओला की बाजार हिस्सेदारी 28 प्रतिशत है। इस साल जून में बजाज की हिस्सेदारी केवल 11.6 प्रतिशत थी जबकि 47.5 प्रतिशत के साथ ओला शीर्ष पर थी। यहां तक कि एथर ने भी अपना पारिवारिक इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश करने के साथ ही अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाकर 14.2 प्रतिशत कर ली है।

हालांकि यह रुख फिर से बदल सकता है क्योंकि ओला इलेक्ट्रिक मार्च 2025 की पहली तिमाही में आकर्षक शुरुआती कीमत पर अपनी इलेक्ट्रिक मोबाइक पेश करने वाली है, जिससे वह अपनी प्रतिस्पर्धी मौजूदा कंपनियों के मुख्य कारोबार पर असर डाल सकती है।

ईवी के समूचे क्षेत्र में मुख्य रूप से संख्या की बदौलत दोपहिया वाहन साफ तौर पर शीर्ष स्थानों पर हावी हैं। तीसरे स्थान पर टीवीएस (कुल 16,408 पंजीकरण) है और चौथे पर एथर एनर्जी है। ये दोनों इलेक्ट्रिक वाहन की केवल एक ही श्रेणी में काम करती हैं और वह है स्कूटर। अगली पंक्ति में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा है (हालांकि समूह की विभिन्न कंपनियों के जरिये), जिसने 6,162 वाहनों की बिक्री की। इनमें यात्री और माल ढुलाई वाले तिपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक कार वगैरह शामिल हैं। टाटा एक बार फिर इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों पर अपना ध्यान के साथ पांचवें स्थान पर रही। उसने 3,720 वाहनों की बिक्री की जिनमें यात्री वाहन शामिल हैं।

अच्छी खबर यह है कि सभी वाहन श्रेणियों में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ सितंबर में अब नौ प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसका मुख्य कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की दो प्रमुख श्रेणियों – दोपहिया और तिपहिया में वृद्धि होना है। सभी श्रेणियों में कुल इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण में इनकी 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बजाज को शीर्ष स्थान पर पहुंचने में इसलिए मदद मिली है क्योंकि वह इन दोनों श्रेणियों में इलेक्ट्रिक वाहन बनाती है।

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First Published - September 30, 2024 | 10:44 PM IST

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