पश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में
अमेरिका/इजरायल की ईरान के खिलाफ लड़ाई और ईरान के जवाबी हमलों से पैदा हुई आर्थिक अनिश्चितता ने भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसमें कोई ताज्जुब की बात नहीं है कि भारत में लगभग आधा कच्चा तेल, दो-तिहाई एलएनजी और 90 प्रतिशत एलपीजी का आयात खाड़ी देशों से ही होता […]
ऊर्जा वृद्धि और मुद्रास्फीति अनुमान में बदलाव संभव: लुइस कुइस
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और उसकी जवाबी कार्रवाई से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है। इससे कई देश ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह एशिया प्रशांत क्षेत्र के देशों के विकास संभावनाओं पर सवाल खड़ा करता है। एसऐंडपी ग्लोबल के प्रमुख अर्थशास्त्री […]
तीसरी तिमाही में कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर, NSE 200 में घटा डाउनग्रेड दबाव
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनियों की मुख्य आय बाजार अनुमानों से बेहतर रही। इसकी वजह तेल एवं गैस, खनन एवं धातु, सरकारी बैंक और वाहन क्षेत्र के मुनाफे में उछाल थी। इससे डाउनग्रेड और अपग्रेड का अनुपात कुछ कम हुआ। यस सिक्योरिटीज के अनुसार एनएसई-200 की 39 प्रतिशत कंपनियों के वित्त वर्ष […]
कॉरपोरेट इंडिया की रिकॉर्ड छलांग: Q3 में लिस्टेड कंपनियों का मुनाफा 14.7% बढ़ा, 2 साल में सबसे तेज
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियों, बैंक, गैर-बैंक ऋणदाताओं तथा धातु एवं खनन कंपनियों के मुनाफे में तेजी से यह आंकड़ा सुधरा है। इन चक्रीय क्षेत्रों की कंपनियों ने कच्चे तेल की कम कीमत, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों […]
निफ्टी में आईटी सेक्टर की पकड़ कमजोर, 26 साल के निचले स्तर पर पहुंचा वेटेज
देश के सूचना प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र के लिए मौजूदा वित्त वर्ष निराशाजनक साबित हो रहा है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएलटेक जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों में आई तेज गिरावट का असर अब सीधे निफ्टी 50 इंडेक्स में उनके वेटेज पर दिखाई देने लगा है। आईटी सेक्टर की हिस्सेदारी घटकर 26 वर्षों […]
FY26 की पहली छमाही में कंपनियों का कैपेक्स 6 साल के हाई पर, इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाई तेजी
भारत की शीर्ष सूचीबद्ध कंपनियों के चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी जगत में पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) में तेजी आई है। बैंक, वित्त और बीमा (बीएफएसआई) तथा तेल एवं गैस क्षेत्र को छोड़ दें तो बाकी क्षेत्र की सूचीबद्ध कंपनियों की कुल स्थिर संपत्तियां या पूंजीगत खर्च […]
5 साल में सबसे कमजोर कमाई सत्र: सेंसेक्स कंपनियों की EPS ग्रोथ सुस्त
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की सेंसेक्स कंपनियों के लिए मौजूदा कमाई सत्र 5 साल में सबसे कमजोर रहा। बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स की प्रति शेयर आय (ईपीएस) पिछले 12 महीने में अभी तक महज 1.3 फीसदी बढ़ी है जो अप्रैल 2021 के बाद सबसे कम है। उस समय कोविड लॉकडाउन के कारण सालाना आधार पर […]
Q3 नतीजों में सुस्ती: मुनाफा वृद्धि 17 तिमाहियों के निचले स्तर पर, आईटी और बैंकिंग सेक्टर दबाव में
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शुरुआती दौर के नतीजे थोड़े निराश करते हैं क्योंकि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती से लाभ होने के बावजूद मुनाफा वृद्धि में गिरावट आई और आय में एक अंक की ही वृद्धि हुई है। आईटी कंपनियों और रिलायंस इंस्डट्रीज के कमजोर प्रदर्शन से मुनाफे पर असर […]
Reliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूती
Reliance Q3FY26 results: रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की आय चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बाजार के अनुमान से बेहतर रही मगर मुनाफा थोड़ा कम रहा। कंपनी की संचयी शुद्ध आय वित्त वर्ष 2026 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 10.4 फीसदी बढ़कर 2.65 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2.4 […]
Midcap Stocks: दो साल से दौड़ते कई शेयर लुढ़के, तो कुछ चमके
तेजी से बढ़ते मिडकैप शेयरों को पिछले कैलेंडर वर्ष में झटका लगा और उन्होंने अपने लार्जकैप शेयरों के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया। इस तरह दो साल से चला आ रहा रुझान पलट गया। बीएसई मिडकैप सूचकांक वर्ष 2025 के दौरान सिर्फ 1.1 प्रतिशत बढ़ा, जो इससे एक साल पहले की 26.1 प्रतिशत की तेजी से […]








