Opinion: लाल सागर में नौसेना की तैनाती के क्या हैं मायने
भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी और पश्चिमी अरब सागर में अब तक का सबसे बड़ा जहाजी बेड़ा तैनात किया है। हालांकि यह तैनाती यमन में ईरान से समर्थन पाने वाले हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका-ब्रिटेन की चल रही मौजूदा सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं है। भारतीय नौसेना के इस अभूतपूर्व विशाल बेड़े में 12 […]
हूती बागियों के हमले और भारत की मुश्किलें
इस दशक का एक और साल सामुद्रिक अवरोधों और व्यापार में बाधाओं की आशंका के साथ शुरू हुआ है। इस बार कारण बने हैं हूती बागी जिन्होंने लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया है। लाल सागर वैश्विक व्यापार और सामान की आवाजाही के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण मार्ग है। असल में, लाल सागर में […]
चीन और भूटान की दोस्ती भारत के लिए नई चुनौती!
भूटान व चीन के बीच सौहार्दपूर्ण राजनयिक संबंधों की नई शुरुआत हुई है जिससे भारत तथा भूटान के बीच नई लक्ष्मण रेखा बनाने की दरकार हो सकती है। बता रहे हैं हर्ष वी पंत और आदित्य गौड़ारा शिवमूर्ति अक्टूबर में चीन का दौरा करने वाले तांदी दोरजी भूटान के पहले विदेश मंत्री हैं। उनकी यात्रा […]
विश्व स्तर पर प्रभाव बढ़ाने के चीन के हथकंडे
विदेशी दुष्प्रचार पर नजर रखने वाले अमेरिकी विदेश विभाग के ग्लोबल एंगेजमेंट सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की वैश्विक कथानकों को प्रभावित करने की क्षमता वैश्विक स्तर पर चीन के बढ़ते कद के साथ सुसंगत प्रतीत होती है। आख्यानों को आकार देने के मामले में कम्युनिस्ट पार्टियों की प्रवृत्ति […]
शी चिनफिंग की महत्वाकांक्षा और भारत से मिल रही चुनौती
नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अनुपस्थिति की व्याख्या दोनों देशों के बीच संबंधों में बढ़ती कटुता के रूप में की जा रही है। शी ने जी-20 सम्मेलन में नहीं आने का निर्णय ऐसे समय में लिया है जब भारत और चीन के बीच संबंध ठीक नहीं हैं […]
Opinion: साझा लाभ के मुद्दों पर सहमत भारत-नेपाल
नेपाल के प्रधानमंत्री की हालिया भारत यात्रा ने इस बात को रेखांकित किया कि दोनों देश साझा लाभ और समझ के मुद्दों पर सहमति से आगे बढ़ रहे हैं। बता रहे हैं हर्ष वी पंत और आदित्य गौड़ारा शिवमूर्ति सन 2008 में चीन की यात्रा करके प्रचंड नेपाल के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बने थे जिसने […]
दक्षिण एशिया का हो रहा वास्तविकता से सामना
चीन 6 मार्च को श्रीलंका को वित्तीय सहायता एवं ऋण पुनर्गठन का आश्वासन देने वाले द्विपक्षीय ऋणदाताओं की सूची में आखिरी देश के रूप में आखिरकार शामिल हो गया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) भी कोलंबो को 2.9 अरब डॉलर की राहत राशि पर अंतिम निर्णय लेने पर तैयार हो गया। श्रीलंका आईएमएफ और […]






