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पश्चिम ए​​शिया संकट से छोटी-मझोली दवा कंपनियों के मुनाफे पर दबाव, लागत और सप्लाई बाधाओं से बढ़ी चिंता भू-राजनीतिक, आ​र्थिक जो​खिमों पर रिलायंस ने किया आगाह; जियो आईपीओ पर चुप्पीप्ला​स्टिक नोटों की ओर RBI का कदम, नोट छपाई लागत घटाने और टिकाऊ करेंसी पर जोरEditorial: IIP का नया रूप, 2022-23 आधार वर्ष के साथ औद्योगिक माप प्रणाली में बड़ा बदलावलोन लेने वाली महिलाओं की बढ़ी तादाद मगर नहीं बनेगी बात, दो-तिहाई अब भी फॉर्मल सिस्टम से बाहरबचाव, पुनरुद्धार और सुधार: IBC के पहले दशक ने भारत की क्रेडिट संस्कृति को बदलाउतार-चढ़ाव भरे बाजारों में हॉस्पिटल शेयरों को दम, हेल्थकेयर इंडेक्स में 7% की बढ़तबाजार में बढ़त के लिए पूंजीगत खर्च की बहाली, युद्धविराम अहम: निमेश चंदनईरान-अमेरिका के हमलों के बाद कच्चे तेल में उछाल,  ब्रेंट और WTI दोनों की कीमतें में तेज बढ़तQ4 में पूंजी बाजार की फर्मों का दमदार प्रदर्शन, AMC और ब्रोकर्स की ग्रोथ पर ब्रोकरेज का पॉजिटिव रुख

लेखक : देवाशिष बसु

आज का अखबार, लेख

ग्राहकों के साथ उचित व्यवहार करें बैंक

बैंक की गलती होने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और ग्राहकों को हर्जाना देने की व्यवस्था होनी चाहिए। इस विषय पर विस्तार से बता रहे हैं देवाशिष बसु एक ग्राहक के रूप में हमें सबसे खराब अनुभव बैंकों और वित्तीय सेवाओं से प्राप्त होता है। शेयर और बीमा निवेश योजनाओं को लेकर झूठे वादे, पारंपरिक […]

आज का अखबार, लेख

सार्वजनिक उत्तरदायित्व बीमा प्रावधान मजबूत हो

दिसंबर 2021 में एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी और उनकी पत्नी महाराष्ट्र के ठाणे में एक बैंक शाखा में गए थे। लॉकर रूम में बैंक अधिकारी कमजोर सीढ़ी से गिर पड़े। इस घटना में उन्हें काफी चोट आई और डॉक्टरों ने उन्हें शल्य चिकित्सा कराने का परामर्श दिया। जिस बैंक की शाखा में यह घटना हुई […]

आज का अखबार, लेख

अदाणी प्रकरण में मूल विषय पर नहीं हो रही बहस

अदाणी समूह पर अमेरिका की शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद प्रतिक्रियाओं का तांता लग गया है। इस रिपोर्ट के आने के बाद 25 जनवरी से अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में धड़ाधड़ बिकवाली शुरू हो गई थी। क्रोधित ‘राष्ट्रवादियों’ ने इस रिपोर्ट को भारत पर हमला तक करार दे दिया। […]

आज का अखबार, लेख

छोटे शेयरों से बड़ी कमाई की कहानी

शेयरों में निवेश करने वाले लोगों के लिए सावधानी से चुने गए कुछ शेयर समृद्धि की राह खोल सकते हैं। बैंक जहां सालाना 6-7 फीसदी ब्याज दे रहे हैं, वहीं कुछ शेयर ऐसे हैं जो हर कुछ वर्ष में 100 फीसदी या उससे अधिक बढ़ जाते हैं। बीते 10 वर्षों से अधिक समय में कुछ […]

आज का अखबार, लेख

फंसा कर्ज और ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता

जब तक सरकारी बैंकों का निजीकरण नहीं होगा नए सिरे से फंसे कर्ज का खतरा बरकरार रहेगा। बता रहे हैं देवाशिष बसु  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह राज्य सभा को बताया कि अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने बीते पांच वर्ष में 10 लाख करोड़ रुपये मूल्य का फंसा हुआ कर्ज बट्टे खाते में […]

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