लेखक : आतिरा वारियर

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा

जीवन बीमाकर्ताओं का 22 फीसदी बढ़ा NBP, LIC के प्रीमियम में आई दमदार तेजी

जीवन बीमा कंपनियों का अगस्त में नया कारोबार प्रीमियम (एनबीपी) एक साल पहले के मुकाबले 21.8 फीसदी बढ़ गया। प्रीमियम में यह वृद्धि सरकारी स्वामित्व वाले भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की प्रीमियम में दमदार वृद्धि के कारण है। जीवन बीमा परिषद की ओर जारी आंकड़ों के मुताबिक, 27 जीवन बीमा कंपनियों ने अगस्त में […]

आज का अखबार, कंपनियां, ताजा खबरें, वित्त-बीमा

12.5 करोड़ डॉलर जुटाएगी पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस

रेहन पर ऋण देने वाली पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस (PNB housing finance) ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के जरिये 10 करोड़ डॉलर से 12.5 करोड़ डॉलर तक जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी के मुख्य कार्य अधिकारी व प्रबंध निदेशक गिरीश कौसगी ने यह जानकारी दी है। कौसगी ने […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

LCR मसौदा परिपत्र से नाखुश कई बैंक; इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग से जुड़े खुदरा जमा को लेकर RBI को लिखा लेटर

कई बैंकों ने लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (एलसीआर) पर जारी मसौदा परिपत्र (draft circular) पर अपनी नाखुशी जताई है और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को इस संबंध में पत्र लिखा है। इस मसौदा परिपत्र में बैंकों को इंटरनेट एवं मोबाइल बैंकिंग से जुड़े खुदरा जमा के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत प्रावधान (रन-ऑफ) करने के लिए कहा […]

आज का अखबार, उद्योग, वित्त-बीमा

80% MSME को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था में लाएं, 4 करोड़ में से सिर्फ 40 फीसदी ही रजिस्टर्ड

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ने कहा कि भारत को अपने 80 प्रतिशत सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (MSME) को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था के तहत लाने की जरूरत है, जबकि इस समय यह संख्या 40 प्रतिशत है। मुंबई में आयोजित FIBAC में सचिव ने कहा, ‘देश में 4 करोड़ से कुछ ज्यादा एमएसएमई […]

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा

जीवन बीमा पॉलिसियों की गलत तरीके से बिक्री खतरनाक स्तर परः बीमा नियामक

ऐसे वक्त में जब बीमा नियामक बीमा की पैठ बढ़ाने पर जोर दे रहा है, बीमा पॉलिसियों की गलत तरीके से बिक्री खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही है। बीमा नियामक आईआरडीएआई के सदस्य (वितरण) सत्यजीत त्रिपाठी के मुताबिक, जीवन […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, ताजा खबरें, समाचार

वित्तीय बाजार के प्रभुत्व से बचे भारत

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को आगाह किया कि जब वित्तीय बाजार अर्थव्यवस्था से बड़ा हो जाता है तो वित्तीय बाजार की प्राथमिकताएं व विचार व्यापक आर्थिक परिणामों पर हावी हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय बाजार का बड़ा होना स्वाभाविक है लेकिन यह वाजिब नहीं है। भारत अब […]

आज का अखबार, फिनटेक, बैंक, वित्त-बीमा

फिनटेक संग साझेदारी नहीं तो नुकसान, ऐक्सिस बैंक के CEO ने दिया बयान

ऐक्सिस बैंक के मुख्य कार्य अधिकारी अमिताभ चौधरी ने शुक्रवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान कहा कि फिनटेक के साझेदारी नहीं करने पर बैंकों को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि फिनटेक कंपनियां ऐसी प्रौद्योगिकियां, उत्पाद और सेवाएं लेकर आ रही हैं जो एक बेहतर प्रणाली बना सकती हैं और ग्राहकों के […]

आज का अखबार, टेलीकॉम, फिनटेक, बीमा, बैंक, वित्त-बीमा

मार्केटिंग मैसेज भेजने वालों को होगी मुश्किल, मगर बैंकों पर नहीं पड़ेगा URL, OTT लिंक, APK को ब्लॉक करने का असर

अ​धिकतर बैंकों ने संकेत दिया कि गैर-पंजीकृत URL, OTT लिंक और एपीके वाले संदेशों को ब्लॉक करने के भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आदेश से उन पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि वे आम तौर पर मार्केटिंग सामग्री भेजते ही नहीं हैं। किंतु प्रचार संबंधी संदेश भेजने वाले वित्तीय संस्थानों को कामकाज में चुनौतियों का […]

ताजा खबरें, भारत

87% भारतीयों का मानना है कि अगले 5 साल में बढ़ेगी वित्तीय अनिश्चितता: आदित्य बिड़ला अनिश्चित इंडेक्स रिपोर्ट

अधिकांश भारतीयों का मानना है कि अगले 5 साल में दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ेगी। यह जानकारी आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस की ‘अनिश्चित इंडेक्स’ रिपोर्ट से मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, 7,978 लोगों से बात की गई, जिनमें 5,320 नौकरीपेशा और 2,658 व्यापारी शामिल थे। इनमें से 87 प्रतिशत लोगों का कहना है कि […]

आज का अखबार, आपका पैसा

त्योहारों में बीमा की बढ़ती मांग: दही हांडी से गणेश पूजा तक सुरक्षा कवरेज में उछाल

भारत में बढ़ते त्योहार और उससे जुड़े जोखिमों के बीच त्योहार आधारित बीमा के कवरेज और प्रीमियम में वृद्धि हुई है। यह रुझान दही हांडी, गणेश पूजा और दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहारों के मौके पर देखने को अधिक मिलता है, जिससे बीमा कवरेज और लागत में वृद्धि हो रही है। बीमा उद्योग के जानकारों […]