पाकिस्तानी दैनिक एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अजीज ने आपातकाल से एक महीने पहले अक्तूबर 2007 में पूर्व सैन्य शासक मुशर्रफ को चिट्ठी लिखकर उन्हें न्यायिक सक्रियता की वजह से उत्पन्न संकट से देश को बचाने के लिए असाधारण कदम उठाने की सलाह दी थी।
अजीज ने तीन पन्नों की अपनी इस चिट्ठी में उच्चतम न्यायपालिका में मौजूद न्यायाधीशों के आचरण एवं साख पर गंभीर प्रश्न खड़े किए थे।
इसके साथ ही उन्हांेंने बताया कि अजीज ने अपनी चिट्ठी में कहा था कि न्यायापालिका अशांति फैलाने वाली बन गई है और अगर :रिपीट: अगर इसका कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो संवैधानिक और प्रशासनिक संकट खड़ा हो सकता है।
इस अधिकारी ने कहा कि 3 नवंबर, 2007 को मुशर्रफ द्वारा की गई आपातकाल की घोषणा की भाषा अजीज की इसी चिट्ठी से ली गई थी।
इस चिट्ठी को पिछले सप्ताह गृह मंत्री में दायर एफआईए सत्यान्वेषी रिपोर्ट के साथ संलग्न किया गया है और मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह मामले की सुनवाई में यह काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
भाषा