रिजर्व बैंक ने बैंकों को विदेश से उधार लिए गए रिण की अदला बदली के लिए शर्त आसान कर दी है जिससे डालर की आवक बढी है। निर्यातकों की डालर बिकवाली के कारण भी रपये को बल मिला।
स्थानीय शेयर बाजारों में विदेशी पूंजी प्रवाह सुधरने का भी रपए पर अनुकूल असर हुआ पर अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डालर में मजबूती के कारण रपए की मजबूती कुछ हद तक सीमित रही।
अन्तरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रपया 62.20 रपये प्रति डालर पर खुला और
एक समय स्थानीय मुद्रा 62.38 तक लुढ़क गयी। बाद में रपया चढ कर 61.98 तक पहुंच गया था। अंत में रपया 37 पैसे 0.59 प्रतिशत की तेजी के साथ 62.07 प्रति डालर पर बंद हुआ। कल रपये में 31 पैसे की तेजी आई थी।
इससे पहले 19 सितंबर को रपया 61.77 रपये प्रति डालर पर बंद हुआ था।
बंबई शेयर बाजार का सूचकांक आज 37.61 अंक की तेजी पर बंद हुआ। सेबी के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कल शेयरों में 6 करोड़ 94.4 लाख डालर का निवेश किया।
भारतीय रिजर्व बैंक ने आज के कारोबार के लिए संदर्भ दर 62.2260 रपये प्रति डालर और 84.1073 रपये प्रति यूरो निर्धारित की थी।
पौंड, यूरो और जापानी येन के मुकाबले रपये में मजबूती आई।
भाषा राजेश महावीर