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भारत को ज्यादा ऊर्जा आपूर्ति की योजना बना रही टोटालएनर्जीज

दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी एलएनजी उत्पादक ओडिशा में धामरा एलएनजी टर्मिनल की क्षमता दोगुनी करने की योजना बना रही है।

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शुभांगी माथुर   
Last Updated- February 06, 2026 | 8:52 AM IST

फ्रांस की ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टोटालएनर्जीज भारतीय कंपनियों के साथ अपने संबंध बढ़ा रही है। उसका मकसद देश को और अधिक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति करना है। कंट्री चेयर और प्रबंध निदेशक (भारत) सांग रत्नम ने शुभांगी माथुर के साथ बातचीत में यह जानकारी दी। रत्नम ने कहा कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी एलएनजी उत्पादक ओडिशा में धामरा एलएनजी टर्मिनल की क्षमता दोगुनी करने की योजना बना रही है और अदाणी ग्रीन एनर्जी के साथ चल रही हरित ऊर्जा परियोजनाओं पर ध्यान दे रही है। संपादित अंश …

आप भारत की एलएनजी की भावी मांग को पूरा करने में टोटालएनर्जीज की क्या भूमिका देखते हैं?

एलएनजी पर चर्चा में मूल्य निर्धारण ऐतिहासिक रूप से सबसे महत्त्वपूर्ण कारक रहा है। लेकिन आज आपूर्ति की सुरक्षा ने इसकी जगह ले ली है। प्रमुख पोर्टफोलियो भगीदार और वैश्विक स्तर पर एलएनजी के तीसरे सबसे बड़े भागीदार के रूप में टोटालएनर्जीज भारतीय खरीदारों को इस बात की सुविधा देती है कि वह किसी भी परिस्थिति में ऊर्जा मुहैया करा सकती है। यही कारण है कि बहुत सारे लोग हमसे संपर्क कर रहे हैं। हमने पूरी दुनिया में निवेश किया है और छोटे भागीदारों के विपरीत, जो शायद सस्ता माल दे सकते हैं, आपको विविध वैश्विक पोर्टफोलियो वाले ऐसे बड़े भागीदारों की जरूरत है, जो भू-राजनीतिक स्थितियों के साथ तालमेल बनाते हुए गैस मुहैया करा सकें। भारत भविष्य की मांग के केंद्र में है। हम अपनी एलएनजी का विपणन करने और खरीदारों तथा सरकार से बात करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि हम भारत में और अधिक एलएनजी कैसे ला सकते हैं।

भारत में प्रमुख विकास क्षेत्र और निवेश की क्या योजनाएं हैं?

टोटालएनर्जीज ने भारत में खासा निवेश किया है और अब हम क्रियान्वयन वाले चरण में हैं। हम पिछले पांच वर्षों में गैस और अक्षय ऊर्जा में भारत में लगभग 5 अरब डॉलर का निवेश कर चुके हैं। हमने 50 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाला धामरा एलएनजी टर्मिनल विकसित किया है, जो पूर्वी तट पर पहला एलएनजी रीगैस टर्मिनल है। यह टर्मिनल करीब 35 प्रतिशत भारतीय आबादी के साथ जुड़ा है। हमने अदाणी टोटाल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) में भी निवेश किया है, जिसके पास 53 भौगोलिक क्षेत्रों में लाइसेंस हैं। दूसरी बड़ी गतिविधि हमारी एलएनजी का विपणन करना है। पिछले दो वर्षों में हमने दो बड़े एलएनजी आपूर्ति और खरीद समझौते (एसपीए) किए हैं।

धामरा एलएनजी टर्मिनल की क्षमता का उपयोग कितना रहा है?

इसकी क्षमता का उपयोग लगभग 50 प्रतिशत है। हम टर्मिनल के विस्तार का भी अध्ययन कर रहे हैं। इसकी 50 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता को 10 लाख टन तक बढ़ाया जा सकता है।

क्या आप निकट भविष्य में भारत की ऊर्जा अवसंरचना, विशेष रूप से भंडारण इकाइयों में निवेश करेंगे?

हम हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के साथ साझेदारी में विशाखापत्तनम में एलपीजी कैवर्न संचालित करते हैं। भारत एलएनजी और तेल भंडारण के बारे में बात कर रहा है। हमें इसमें दिलचस्पी हो सकती है, लेकिन यह कुछ ऐसा नहीं है जिस पर हम फोकस कर रहे हों।

क्या आप भारत में बनने वाले नए एलएनजी टर्मिनलों में निवेश करेंगे?

सरकार एलएनजी टर्मिनल बनाने पर जोर दे रही है। यह सकारात्मक संकेत है कि उन्हें लगता है कि देश में और भी बहुत सारी एलएनजी आएगी। जब ऐसा होगा, तो हम इस बारे में सोच सकते हैं। बहुत सारे टर्मिनलों का कम उपयोग किया जा रहा है। मुझे लगता है कि फिलहाल हम धामरा एलएनजी पर ध्यान केंद्रित करने में सहज हैं।

First Published : February 6, 2026 | 8:52 AM IST