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RBI MPC ने दरें स्थिर रखीं, फैसले के बाद सरकारी बॉन्ड यील्ड 4 bps बढ़ी

10-वर्षीय बेंचमार्क यील्ड 6.69% पर पहुंची, MPC ने दरें स्थिर रखीं और RBI ने नए OMO की घोषणा नहीं की

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अंजलि कुमारी   
Last Updated- February 06, 2026 | 12:54 PM IST

सरकारी बॉन्ड यील्ड में शुक्रवार को 4 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जब छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने पॉलिसी रेट को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। 10-वर्षीय बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 6.69 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछला बंद स्तर 6.65 प्रतिशत था।

कुछ मार्केट पार्टिसिपेंट्स को उम्मीद थी कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आगे और ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO) की घोषणा करेगा। हालांकि, कोई नया OMO घोषित नहीं किया गया। लेकिन RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बाजार को भरोसा दिलाया कि केंद्रीय बैंक लिक्विडिटी मैनेजमेंट में सक्रिय रहेगा और बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा, ताकि अर्थव्यवस्था की जरूरतें पूरी हों और मौद्रिक नीति का प्रभाव सही तरीके से पहुंचे।

उन्होंने कहा, “लिक्विडिटी मैनेजमेंट पहले से तैयारी के साथ किया जाएगा, जिसमें सरकारी बैलेंस में अनपेक्षित उतार-चढ़ाव, चलन में मुद्रा में बदलाव, फॉरेक्स हस्तक्षेप आदि के लिए पर्याप्त गुंजाइश रखी जाएगी।”

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RBI MPC ने न्यूट्रल रखा स्टॉन्स

MPC ने दिसंबर 2025 में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी, इससे पहले लगातार दो बैठकों में दरें स्थिर रखी गई थीं। समिति ने जून 2025 में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती भी की थी। शुक्रवार को समिति ने मौद्रिक नीति का रुख (stance) भी न्यूट्रल पर बरकरार रखा। समिति ने जून में रुख को ‘अकॉमोडेटिव’ से बदलकर ‘न्यूट्रल’ किया था।

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौजूदा विकास की गति आगे भी बनी रहने की संभावना है। इससे बाहरी चुनौतियों के बावजूद निकट अवधि के आर्थिक आउटलुक को लेकर भरोसा दिखता है।

RBI ने FY27 के लिए CPI महंगाई अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया है। RBI के अनुसार, Q1 में महंगाई 4.0% और Q2 में महंगाई 4.2% रहने का अनुमान है।

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नए बेस ईयर से जारी होंगे डाटा

मल्होत्रा ने कहा कि वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 7.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जो पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। आगे के फैसले फरवरी 2026 के मध्य से अंत तक आने वाले CPI और GDP डेटा पर आधारित होंगे, जो नए बेस ईयर के साथ जारी किए जाएंगे।

जनवरी 2026 का CPI डाटा 12 फरवरी को जारी होगा, जिसमें 2024 को बेस ईयर माना जाएगा। वहीं, FY2024 से FY2026 का GDP डेटा 27 फरवरी को जारी होगा, जिसमें 2022–23 को बेस ईयर रखा जाएगा। इन संशोधित आंकड़ों से विकास और महंगाई की मौजूदा स्थिति को बेहतर तरीके से समझने और नया आउटलुक बनाने में मदद मिलेगी।

First Published : February 6, 2026 | 12:54 PM IST