ग्राहकों और छोटे कारोबारियों के लिए सीमा पार खुदरा भुगतान तेज, ज्यादा स्थिर और सस्ता बनाने की कवायद के तहत एक नए फ्रेमवर्क पर काम चल रहा है। सीमा पार भुगतान की सुविधा मुहैया कराने वाले वैश्विक मैसेजिंग नेटवर्क स्विफ्ट ने गुरुवार को कहा कि भारत के भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और ऐक्सिस बैंक सहित दुनिया भर के बैंक मिलकर एक नया फ्रेमवर्क शुरू करेंगे।
वैश्विक स्तर पर भारत धन प्रेषण प्राप्त करने वाले शीर्ष देशों में शामिल है, जिसे इस सुविधा का लाभ मिलेगा। स्विफ्ट ने एक बयान में कहा, ‘उपभोक्ता और छोटे व्यवसाय विभिन्न देशों से भुगतान प्राप्त कर रहे हैं, जिसमें दुनिया के 5 सबसे बड़े धनप्रेषण बाजार शामिल हैं। ऐसे देश प्रमुख लाभार्थी होंगे, क्योंकि स्विफ्ट और बैंक विश्व स्तर पर सीमा पार खुदरा भुगतान में अगली पीढ़ी की गति और नए स्तर की सामर्थ्य और पूर्वानुमान लाने के लिए एक अग्रणी नया फ्रेमवर्क शुरू कर रहे हैं।’
बेल्जियम का यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म 200 से ज्यादा देशों के 11,500 से ज्यादा बैंकिंग और सिक्योरिटीज संगठनों, मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर और कॉरपोरेट ग्राहकों को जोड़ता है।
स्विफ्ट ने कहा कि नए फ्रेमवर्क के शुरू होने के साथ, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, कनाडा, चीन, जर्मनी, भारत, पाकिस्तान, स्पेन, थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे लोकप्रिय कॉरिडोर में भेजे गए भुगतान में लागत की निश्चितता, पूर्ण-मूल्य डिलिवरी, एंड टू एंड ट्रेसेबिलिटी और सबसे तेज गति होगी, जिसमें यथासंभव तत्काल निपटान भी शामिल है। जून के अंत तक 25 से ज्यादा बैंकों का एक शुरुआती समूह इस पर काम शुरू कर देगा।
इसमें कहा गया है, ‘इस वर्ष के अंत तक भुगतान के अधिक तरीकों के सक्रिय होने की उम्मीद है, जो तेजी से, पारदर्शी खाते-से-खाते सीमा पार लेनदेन के लाभों को विश्व स्तर पर बाजारों तक पहुंचाएगा।’
स्विफ्ट की पेमेंट योजना के प्रमुख नासिर अहमद ने कहा कि वित्तीय समुदाय ने सीमापार भुगतान की पारदर्शिता और रफ्तार में महत्त्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन इस दिशा में और आगे बढ़ने की संभावना है।
ऐक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक नीरज गंभीर ने कहा कि इस पहल से ग्राहकों के डिजिटल रेमिटेंस का अनुभव बेहतर करने में मदद मिलेगी।