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बंगाल चुनाव से पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दिया इस्तीफा, आरएन रवि को अतिरिक्त प्रभार

उन्होंने अचानक इस्तीफा देने के कारणों का खुलासा नहीं किया और न ही यह बताया कि क्या कोई राजनीतिक दबाव था जिसके कारण उन्होंने यह निर्णय लिया।

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भाषा   
Last Updated- March 06, 2026 | 10:02 AM IST

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव से पहले, राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार शाम को नई दिल्ली में अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कदम पर हैरानी जताई और कहा कि बोस के इस्तीफा देने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल एवं पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) आर एन रवि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

17 नवंबर, 2022 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नियुक्त किए गए बोस ने कहा, ‘हां, मैंने इस्तीफा दे दिया है। मैं साढ़े तीन साल तक बंगाल का राज्यपाल रहा हूं, यह मेरे लिए पर्याप्त है।’ उन्होंने अचानक इस्तीफा देने के कारणों का खुलासा नहीं किया और न ही यह बताया कि क्या कोई राजनीतिक दबाव था जिसके कारण उन्होंने यह निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, ‘मुझे केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) से पता चला है कि आरएन रवि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में सीवी आनंद बोस का स्थान लेंगे।’

बनर्जी ने आरोप लगाया कि विधान सभा चुनावों से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ‘दबाव में’ आनंद बोस को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया हो सकता है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह अचानक हुए इस घटनाक्रम से ‘स्तब्ध और बेहद चिंतित’ हैं और दावा किया कि उन्हें इसके कारणों का पता नहीं है।

ममता ने कहा, ‘मुझे फिलहाल उनके इस्तीफे के कारणों की जानकारी नहीं है। हालांकि, यदि बंगाल चुनाव से पहले राज्यपाल बोस पर केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से राजनीतिक कारणों से दबाव डाला गया हो तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।’

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि हालांकि शाह ने उन्हें बोस की जगह रवि के आने की जानकारी दी थी, लेकिन इस मामले में उनसे परामर्श नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे सूचित किया है कि श्री आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में स्थापित परंपरा के अनुसार मुझसे परामर्श नहीं किया।’ ममता ने कहा कि इस तरह के कृत्य संविधान की भावना को कमजोर करते हैं और देश के संघीय ताने-बाने के आधार पर प्रहार करते हैं।

First Published : March 6, 2026 | 10:02 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)