भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि नीतिगत दर में कटौती के बाद से 9 प्रतिशत से कम ब्याज पर दिए गए कर्ज की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 के 42.2 प्रतिशत की तुलना में दिसंबर 2025 में बढ़कर 62.4 प्रतिशत हो गई है। इससे बैंक ऋण के ब्याज दर में बदलाव का पता चलता है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मानक ब्याज दर में 125 आधार अंक की कटौती की है। रीपो दर इस समय 5.25 प्रतिशत है।
सरकारी बैंकों के कर्ज में दिसंबर में 14.1 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई है, जो कुल मिलाकर 13.6 प्रतिशत बैंक ऋण वृद्धि की तुलना में ज्यादा है। सरकारी बैंकों द्वारा दिया जा रहा कर्ज निजी बैंकों की तुलना में लगातार पिछली 5 तिमाहियों से तेजी से बढ़ रहा है।
ग्रामीण, कस्बाई और शहरी इलाकों में स्थित बैंक की शाखाओं में महानगर की शाखाओं की तुलना में ऋण में अधिक वृद्धि हुई है। दिसंबर 2025 में कुल ऋण में इनकी संयुक्त हिस्सेदारी बढ़कर 40.4 प्रतिशत हो गई है, जो दिसंबर 2020 में 36.9 प्रतिशत थी। दिसंबर 2024 से ही महानगर की शाखाओं में ऋण वृद्धि दर अन्य आबादी समूह वाले इलाकों में स्थित बैंक शाखाओं की ऋण वृद्धि की तुलना में कम है।
दिसंबर 2025 के आखिर तक बैंक जमा में 10.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में 11 प्रतिशत और एक तिमाही पहले 9.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।
सरकारी बैंकों में दिसंबर 2025 में जमा वृद्धि सुधरकर 9.9 प्रतिशत हो गई है जो पिछले साल की समान अवधि में 9.1 प्रतिशत थी। वहीं निजी बैंकों के जमा में वृद्धि घटकर 2.1 प्रतिशत घटकर दिसंबर 2025 में 11.3 प्रतिशत रह गई है। जमा में प्रमुख भूमिका निभाने वाले सावधि जमा में दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 11.5 प्रतिशत वृद्धि हुई है। चालू खाते के जमा में 11.1 प्रतिशत और बचत खाते के जमा में 8.3 प्रतिशत सालाना वृद्धि हुई है।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि मौद्रिक नीति में ढील का असर साफ नजर आ रहा है और 7 प्रतिशत से कम ब्याज पर जमा की हिस्सेदारी बढ़कर दिसंबर 2025 में 56.3 प्रतिशत हो गई है, जो एक साल पहले 29.2 प्रतिशत थी।