facebookmetapixel
Advertisement
तीन महीनों की बिकवाली के बाद FPI की दमदार वापसी, फरवरी में बरसे ₹19,675 करोड़Lenovo India Q3 Results: एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत मांग से कमाई में उछाल, राजस्व 7 फीसदी बढ़कर ₹8,145 करोड़ परMCap: टॉप 6 कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ घटा, TCS और Infosys सबसे ज्यादा प्रभावितEAM Jaishankar की दो टूक, विदेश और ऊर्जा नीति में भारत स्वतंत्रबांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय, तारिक रहमान सोमवार को लेंगे पीएम पद की शपथ; PM Modi को भी निमंत्रणManappuram Finance में बैन कैपिटल की बड़ी एंट्री, RBI से मिली हरी झंडीसट्टेबाजी पर शिकंजा! RBI ने बदले कर्ज के नियम, बाजार में हलचलCredit Card Tips: क्या सच में फ्री होती है No Cost EMI? शर्तें पढ़े बिना न करें खरीदारीअब विदेशों में छाएगी यूपी की व्हिस्की, योगी सरकार की नई एक्सपोर्ट नीति से खुलेंगे दरवाजेदिसंबर संकट के बाद इंडिगो की बड़ी उड़ान, 1000 से ज्यादा पायलटों की भर्ती का ऐलान

आचार संहिता उल्लंघन! तेलंगाना सरकार की रैयतु बंधु की किस्त जारी करने पर रोक

Advertisement

चुनाव आयोग ने कहा कि वह अपने पिछले आदेश को वापस लेता है, जिसमें उसने रबी फसल के लिए किसानों को वित्तीय सहायता की किस्त बांटने की राज्य सरकार को अनुमति दे दी थी।

Last Updated- November 28, 2023 | 12:10 AM IST
Chief minister of Telangana K Chandrashekar Rao (

Assembly Elections 2023: मतदान की तारीख करीब आने को देखते हुए चुनाव आयोग ने सोमवार को तेलंगाना सरकार को रैयतु बंधु योजना की किस्त जारी करने पर रोक लगा दी।

चुनाव आयोग ने कहा कि वह अपने पिछले आदेश को वापस लेता है, जिसमें उसने रबी फसल के लिए किसानों को वित्तीय सहायता की किस्त बांटने की राज्य सरकार को अनुमति दे दी थी।

आयोग ने यह कदम राज्य के वित्त मंत्री टी. हरीश राव द्वारा सहायता राशि वितरित करने संबंधी ऐलान किए जाने के बाद उठाया है। आयोग ने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया। तेलंगाना में 30 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।

निर्वाचन आयोग ने राज्य में भारत राष्ट्र समिति की सरकार को कुछ शर्तों के आधार पर आचार संहिता की अवधि के दौरान रबी फसलों के लिए किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की किस्त का भुगतान करने की मंजूरी दी थी। सरकार को आचार संहिता के दौरान इसे लेकर प्रचार नहीं करने के लिए भी कहा गया था।

चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को लिखे पत्र में कहा कि आयोग ने पाया है कि तेलंगाना सरकार के वित्त और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टी. हरीश राव ने न केवल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है, बल्कि इसका प्रचार कर उपरोक्त शर्तों को भी तोड़ा है।

भारत राष्ट्र समिति की सरकार द्वारा चुनाव के दौरान योजना की किस्त जारी करने से रोकने के लिए कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग का रुख किया था। राज्य के मुख्यमंत्री केसीआर यानी के चंद्रशेखर राव ने चुनाव आयोग द्वारा किस्त बांटने की अनुमति वापस लेने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया और कहा कि 3 दिसंबर को बीआरएस के सत्ता में वापस आने के बाद किसानों को किस्त जारी कर दी जाएगी।

Advertisement
First Published - November 27, 2023 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement