जापानी इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (ईवीटीओएल) एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी स्काईड्राइव को उम्मीद है कि वह 2029 से भारत में वाणिज्यिक परिचालन शुरू कर देगी। कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी टोमोहिरो फुकुजावा ने गुरुवार को कहा कि इस योजना के तहत, कंपनी अगले दो साल अमेरिका और जापान में अपने विमानों के लिए टाइप सर्टिफिकेशन हासिल करने में लगाएगी।
टाइप सर्टिफिकेशन एक नियामकीय मंजूरी है जो यह सुनिश्चित करती है कि विमान की डिजाइन जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा करती है। एयर कार्गो फोरम ऑफ इंडिया (एसीएफआई) वर्ल्ड कॉन्क्लेव 2026 के दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘अमेरिका और जापान में टाइप सर्टिफिकेट पाने में लगभग दो साल लगेंगे। इसके बाद हम भारत और दूसरे बाजारों में इस प्रमाणन के लिए आगे बढ़ेंगे।’
भारत में मेडिकल एयर लॉजिस्टिक्स के लिए ईवीटीओएल एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल पर संयुक्त अध्ययन करने के लिए स्काईड्राइव, एयर इंडिया और सुजूकी ने गुरुवार को एक समझौता किया।
ये कंपनियां इस बात की जांच करेंगी कि ये विमान एयरपोर्ट और अस्पतालों के बीच मेडिकल सप्लाई और अंगों को पहुंचाने में कैसे मदद कर सकते हैं, क्योंकि सड़क पर ट्रैफिक की वजह से इसमें देरी हो सकती है।
फुकुजावा ने कहा कि कंपनी मंजूरी के लिए भारतीय नियामकों के साथ पहले से ही बातचीत कर रही है, हालांकि भारत में प्रमाणन के लिए औपचारिक आवेदन बाद में किए जाने की उम्मीद है।
स्काईड्राइव का एयरक्राफ्ट लिथियम-आयन बैटरी से चलता है और इसकी पेलोड क्षमता लगभग 300 किलोग्राम है। इसके मौजूदा ढांचे में एक पायलट और दो यात्री बैठ सकते हैं। कंपनी ने बताया कि फुल पेलोड के साथ फुल चार्ज होने पर यह एयरक्राफ्ट लगभग 30-40 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है और इसे लगभग 20-30 मिनट में रिचार्ज किया जा सकता है।
फुकुजावा ने कहा कि स्काईड्राइव को अब तक दुनिया भर से लगभग 490 प्री-ऑर्डर मिले हैं, जिनमें भारत से मिले करीब 50 ऑर्डर भी शामिल हैं। ये ऑर्डर मुख्य रूप से चार्टर फ्लाइट ऑपरेटरों से मिले हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि उसके ई-वीटीओएल एयरक्राफ्ट हेलीकॉप्टर की तुलना में कम शोर करेंगे और शहरी इलाकों में इस्तेमाल के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।