फोटो: सेडेमैक मेकेट्रॉनिक्स
पुणे की कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सेडेमैक मेकेट्रॉनिक्स उत्तर अमेरिका, यूरोप और एशिया के चुनिंदा बाजारों में वैश्विक मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) के साथ बातचीत कर रही है। इस चर्चा का मकसद अपनी इंटीग्रेटेड स्टार्टर जेनरेटर (आईएसजी) तकनीक का निर्यात करना है। साथ ही वह भारत में टीवीएस मोटर्स और बजाज ऑटो जैसी बड़ी दोपहिया व तिपहिया विनिर्माताओं तक दायरा बढ़ा रही है।
सेडेमैक मेकेट्रॉनिक्स के प्रबंध निदेशक शशिकांत सूर्यनारायणन के मुताबिक सामान्य स्टार्टर मोटर और अल्टरनेटर को किसी एकल इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रिक मशीन की जगह लेने वाली यह आईएसजी तकनीक भारत में दोपहिया और तिपहिया के 13 से 15 मॉडलों में पहले ही इस्तेमाल की जा रही है।
सूर्यनारायणन ने बातचीत में कहा, ‘इस तकनीक की आईपी हमारी है।’ उन्होंने कहा कि जहां टीवीएस मोटर पहली ऐसी कंपनी थी, जिसने इसे बड़े स्तर पर अपनाया, वहीं इस आईएसजी प्लेटफॉर्म को अब बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प और एक छोटी ओईएम को भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से टीवीएस हमारी पहली प्रमुख ग्राहक थी। जब भी आप कोई नई तकनीक लाते हैं, तो आपको पहले किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है, जो उसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल करे।’
सेडेमैक के आईएसजी में सेंसरलेस मोटर कंट्रोल आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे रोटर पोजीशन सेंसर की जरूरत खत्म हो जाती है। सूर्यनारायणन ने कहा, ‘यह 100 साल पुरानी समस्या है। असल में हमने दुनिया भर में इसे पहली बार हल किया है।’ उन्होंने कहा कि वही कोर मोटर-कंट्रोल तकनीक का अब ईवी मोटर कंट्रोलर और पावर टूल्स तक विस्तार किया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार के मौके खुल रहे हैं।
कंपनी के आईपीओ के दस्तावेज (आरएचपी) के अनुसार परिचालनगत राजस्व वित्त वर्ष 23 के 423 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 658 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इसी अवधि में कर बाद लाभ (पीएटी) 8.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 47 करोड़ रुपये हो गया।