भारत का यात्री वाहन उद्योग अब तक के सबसे अच्छे साल की ओर बढ़ रहा है। कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली छमाही में विनिर्माताओं से डीलरशिप तक गाड़ियों की आपूर्ति मजबूत रही है। जनवरी से जून के बीच छह में से पांच महीनों में यह आंकड़ा 4 लाख यूनिट से ऊपर रहा है और उम्मीद है कि यह तेजी पूरे साल बनी रहेगी।
वाहन निर्माताओं के संगठन सायम के आंकड़ों से पता चलता है कि कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली छमाही में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री मजबूत रही। जनवरी से जून के बीच छह में से पांच महीनों में यह आंकड़ा 4 लाख वाहन से अधिक रहा। सिर्फ जून में यह संख्या घटकर 3.88 लाख गाड़ियां रह गई। यह फिर भी पिछले साल के मुकाबले 24.1 फीसदी अधिक थी। लेकिन साल की शुरुआत में दर्ज किए गए ऊंचे आंकड़ों के मुकाबले कम थी।
जनवरी में सबसे ज्यादा 4.50 लाख वाहनों की बिक्री हुई, जो इस छमाही का सबसे अच्छा महीना रहा। इसके बाद मार्च में 4.42 लाख और मई में 4.39 लाख वाहनों की बिक्री हुई। अप्रैल में इस सेगमेंट के लिए अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री (4.37 लाख) दर्ज की गई, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 25.4 फीसदी अधिक है। यात्री वाहनों के सेगमेंट में जनवरी-जून के दौरान यूटिलिटी व्हीकल ने वृद्धि को बढ़ाया।
कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में यूवी की बिक्री सालाना आधार पर 20.1 फीसदी बढ़कर 8,99,255 वाहन हो गई। इसने यात्री वाहनों को पीछे छोड़ दिया, जिनकी बिक्री इसी तिमाही में 0.3 फीसदी घटकर 3,75,659 गाड़ी रह गई।
यह रुझान कैलेंडर वर्ष की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में भी जारी रहा, जब यूवी की बिक्री बढ़कर 8,61,918 गाड़ियां हो गईं। यह पिछले साल के मुकाबले 28.6 फीसदी अधिक रही। इसने यात्री कारों की बिक्री को भी पीछे छोड़ दिया, जिनकी बिक्री में 21.3 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी हुई थी।