इंटरनेट ऐंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) ने आज ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईसीसीआई) की शुरुआत की। यह एक समर्पित देशव्यापी प्लेटफॉर्म है जो उद्योग, सरकार और इस तंत्र से जुड़े अन्य अहम हितधारकों के बीच आपसी सहयोग करेगा और देश में डिजिटल कॉमर्स के तंत्र को आगे बढ़ाएगा।
काउंसिल की इस पहल में अब तक लगभग 70 से -80 सदस्य शामिल हो चुके हैं। इनमें एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्विगी, इटर्नल, जेप्टो, इंडियामार्ट, मेकमाईट्रिप, इग्जिगो, उबर, रैपिडो, शिपरॉकेट, ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल), ईबे, मीशो और टाटा 1एमजी जैसी कंपनियां शामिल हैं।
ईसीसीआई ने कहा कि यह डिजिटल कॉमर्स के भविष्य के अहम प्रमुख स्तंभों के बीच काम करेगा। इनमें सेवा ई-कॉमर्स, उत्पाद ई-कॉमर्स, डिजिटल व्यापार, लॉजिस्टिक और आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन, एमएसएमई इनेबलमेंट तथा बाजार पहुंच और ट्रैवल टेक शामिल हैं।
ईसीसीआई के उद्देश्यों के संबंध में आईएएमएआई के अध्यक्ष शुभ रे ने कहा कि डिजिटल वाणिज्य देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अहम स्तंभों में शामिल हो चुका है और यह कारोबारों के संचालन के तरीके, उपभोक्ताओं के उत्पादों और सेवाओं तक पहुंचने के तरीके तथा भारतीय उद्यमों के देसी और वैश्विक बाजारों में भाग लेने के तरीके को बदल रहा है।
रे ने कहा, ‘विकास का अगला चरण एक ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए उद्योग और सरकार के बीच निरंतर सहयोग पर निर्भर करेगा जो अभिनव, भरोसेमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो। ईसीसीआई इसी दृष्टिकोण के साथ स्थापित किया गया है। यह उद्योग के हितधारकों के लिए नीति निर्माताओं के साथ जुड़ने, अनुसंधान सृजित करने, सर्वोत्तम कार्यप्रणाली विकसित करने और नीतिगत चर्चाओं में योगदान के लिए सहयोग के मंच के रूप में काम करेगा जो भारत में डिजिटल वाणिज्य के भविष्य को आकार देते हैं।’