facebookmetapixel
Advertisement
रुपये में पांच दिन से जारी भारी गिरावट थमी, डॉलर के मुकाबले रिकवरी में क्रूड और RBI का बड़ा हाथनीट पर्चा लीक को PM मोदी ने बताया ‘घोर पाप’, राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शनखाड़ी युद्ध के तनाव से गहराया विमानन संकट, पायलट एसोसिएशन ने UAE की उड़ानें रोकने की उठाई मांगबांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से प्रशांत किशोर की पहली अग्निपरीक्षा, जन सुराज पार्टी के लिए दांव पर लगी साखभारत के उर्वरक निर्यात को मिली रफ्तार, 3 साल में निर्यात 52% बढ़ाजुलाई में फिर बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा, FPI ने चुनिंदा सेक्टरों में की ताबड़तोड़ खरीदारीपीएलआई योजना ने बदली विनिर्माण की तस्वीर, ₹2.4 लाख करोड़ का आया निवेश; 14.5 लाख को मिली नौकरियांसरकार ने कहा: बिना एथेनॉल वाले पेट्रोल पर वापस जाने का कोई प्रस्ताव नहीं, पंपों पर जारी रहेगी सप्लाईभारतीय रिजर्व बैंक ने स्वैप योजना से जुटाए 21 अरब डॉलर, शुरुआती हफ्तों में ही दर्ज हुई रिकॉर्ड आवकरिकॉर्ड वाहन बिक्री से बजाज ऑटो का मुनाफा 46% बढ़ा, राजस्व 65% उछला

भारत समेत 15 देशों तक पहुंचा एन्थ्रोपिक का साइबर सुरक्षा प्रोजेक्ट ‘ग्लासविंग’, AI से खामियां खोजने पर जोर

Advertisement

फाइनैंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कुछ अन्य देशों में फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं

Last Updated- June 04, 2026 | 12:08 AM IST
Anthropic

आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तैयारी में जुटी एन्थ्रोपिक ने अपनी साइबर सुरक्षा योजना ‘प्रोजेक्ट ग्लासविंग’ का 15 देशों के 150 नए संगठनों तक विस्तार करने का ऐलान किया है। कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार विस्तार वाले इन नए देशों के समूह में भारत भी शामिल होगा।

एन्थ्रोपिक ने कहा, ‘इस समूह में ऐसे कई उद्योग शामिल हैं जो हमारे शुरुआती समूह में ठीक से प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे थे। जैसे बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवा, संचार और हार्डवेयर। इसके अलावा कई नए साझेदार विक्रेता भी हैं। यानी ऐसे संगठन या गैर-लाभकारी संस्थाएं जो ऐसे कोडबेस बनाए रखते हैं जिन पर दुनिया भर के कई अन्य संगठन निर्भर करते हैं, इनमें सरकारें भी शामिल होती हैं।’

फाइनैंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कुछ अन्य देशों में फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। एन्थ्रोपिक को भेजे गए ईमेल का खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं मिला।

क्लॉड मिथोस और प्रोजेक्ट ग्लासविंग के विस्तार का यह कदम इसके बाद आया है जब कुछ हफ्तों पहले देश के सॉफ्टवेयर उद्योग संगठन- नैसकॉम के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पहुंच की मांग को लेकर बैठकें की थीं।

इस साल अप्रैल में एन्थ्रोपिक ने एमेजॉन वेब सर्विसेज, ऐपल, ब्रॉडकॉम, सिस्को, क्राउडस्ट्राइक, गूगल, जेपी मॉर्गन चेज, लिनक्स फाउंडेशन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया और पालो ऑल्टो नेटवर्क्स जैसी अग्रणी वैश्विक कंपनियों के साथ हाथ मिलाया था  जिसका मकसद ‘रक्षात्मक उद्देश्यों’ के लिए क्लॉड मिथोस की ताकत का लाभ उठाते हुए समाधान खोजना था।

डेरियो एमोडी के नेतृत्व वाली कंपनी ने अपने नवीनतम सामान्य-उद्देश्य के एआई मॉडल क्लॉड मिथोस को जारी करने के तुरंत बाद प्रोजेक्ट ग्लासविंग शुरू किया ​था। अप्रैल में प्रोजेक्ट ग्लासविंग की घोषणा करते हुए एन्थ्रोपिक ने कहा था कि मिथोस प्रीव्यू पहले ही हजारों अ​धिक-गंभीरता वाली खामियों को खोज चुका है। ये कमियां हर प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर में कुछ में शामिल थीं।

प्रोजेक्ट ग्लासविंग के विस्तार का ऐलान करने वाली अपनी प्रेस विज्ञप्ति में एन्थ्रोपिक ने कहा कि क्लॉड मिथोस प्रीव्यू की क्षमताओं ने एआई के साइबर सुरक्षा पर पड़ने वाले असर के संबंध में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

कंपनी ने कहा, ‘सस्ते, तेज एआई वाले ऐसे मॉडल जिनमें शक्तिशाली साइबर क्षमताएं हैं, वे बस आने ही वाले हैं। हम चाहते हैं कि प्रोजेक्ट ग्लासविंग संस्थानों को ऐसे परिचालन मानकों की ओर ले जाए जो इस वास्तविकता को दर्शाते हैं।’

Advertisement
First Published - June 4, 2026 | 12:08 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement