आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बड़ी संख्या में बौद्धों के अशोक क्लब के सदस्यों ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ग्यापन सौंपा। उसमें मांग की गयी है कि मात्र सपने या दावे के आधार पर ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थानों की खुदाई ना करायी जाए, वरना लालची लोग ऐसे स्थलों को नष्ट कर डालेंगे।
सात सूत्रीय ग्यापन में कहा गया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण :एएसआई: द्वारा वैग्यानिक ढंग से निष्पक्षतापूर्वक खुदाई कराये जाने से पहले इन स्थलों के गर्भ में क्या छुपा है, कल्पना एवं स्वप्न के आधार पर पूर्व घोषणा करना राष्ट्रहित में नहीं होगा।
इस बीच, उपजिलाधिकारी विजय शंकर दुबे ने बताया कि डौडि़याखेड़ा स्थित किले में 14वें दिन आज कुल 116 सेंटीमीटर खुदाई हुई। पहले ब्लाक में 18 सेमी और दूसरे ब्लाक में 98 सेंटीमीटर खुदाई हुई। पहले खाने में बालूयुक्त मिट्टी मिली जबकि दूसरे में खपरैल तथा हड्डी मिली। उसे संरक्षित कर लिया गया है।