आधिकारिक सूत्रों ने आज पीटीआई से कहा, एमटी देश शांति अपने कागजात मिलने के बाद अंतत: छह सितम्बर को भारतीय समयानुसार रात 11 बजकर 45 मिनट पर बंदर अब्बास से रवाना हो गया।
जहाज एमटी देश शांति को पर्यावरण और प्रदूषण चिंता का हवाला देते हुए गत 12 अगस्त को ईरानी रिवॉल्यूशनरी गाड्र्स कोर :आईआरजीसी: ने रोक लिया था। जहाज की एक लाख 40 हजार टन कच्चा तेल की ढुलाई करने की क्षमता है।
इस बीच जहाजरानी मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, टैंकर कल रात अंतत: रिहा होने के बाद वहां से रवाना हुआ। हमने कोई भुगतान नहीं किया। केवल एक सामान्य आश्वासन दिया है।
तीन सप्ताह से अधिक के गतिरोध के बाद ईरान ने टैंकर को छोड़ने का आदेश दिया था लेकिन उसे जाने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। बंदर अब्बास बंदरगाह के स्थानीय अधिकारी दावा कर रहे थे कि उन्हें इस बारे में कोई आदेश नहीं मिला है।
भारत ने अपने टैंकर को रोककर रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। भारत ने कहा था कि समुद्र संबंधी कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि का उल्लंघन करके दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की गई है।
भारत ने प्रदूषण आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि जहाज बसरा से विशाखापत्तनम जा रहा था और किसी ईरानी बंदरगाह पर स्वेच्छा से नहीं रुका और उसे जबरन ईरानी जल क्षेत्र में मोड़ा गया और उसके बाद उसका पीएससी निरीक्षण किया गया।
जारी भाषा
09071419 दि
नननन