facebookmetapixel
Advertisement
Sensex फिसला, Nifty संभला- IT शेयरों की गिरावट से क्यों अटका बाजार?रियल एस्टेट में बड़ा मौका: बुजुर्गों की आवासीय परियोजना बनाने पर जोर, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजनMSCI ने बदले इंडिया स्टॉक्स: किन शेयरों में आएगा पैसा, किनसे निकलेगा?Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंडQuality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

ट्रंप की टैरिफ धमकी का खेल नहीं चलेगा लंबा; बाजार स्थिर होने में लग सकते हैं दो-तीन और महीने: Helios Capital के समीर अरोड़ा

Advertisement

अरोड़ा ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर कहा कि इसमें कोई शंका नहीं है कि अभी बाजार निश्चित रूप से एक कठिन दौर से गुजर रहा है।

Last Updated- February 28, 2025 | 3:32 PM IST
Samir Arora

Stock Market: घरेलू शेयर बाजारों को अभी स्थिर होने में दो से तीन महीने का समय और लग सकता हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) की टैरिफ धमकियों से बाजार गहरी अनिश्चितता के दौर में है। हेलोइस कैपिटल (Helios Capital) के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर समीर अरोड़ा ने शुक्रवार को बीएस मंथन में यह बात कही।

अरोड़ा ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर कहा कि इसमें कोई शंका नहीं है कि अभी बाजार निश्चित रूप से एक कठिन दौर से गुजर रहा है। ट्रंप और अन्य कारकों की वजह से मार्केट में अत्यधिक अनिश्चितता का माहौल है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है। बाजार के उच्च स्तर से अब तक FIIs भारतीय शेयरों से करीब 25 अरब डॉलर (लगभग 2.08 लाख करोड़ रुपये) निकाल चुके हैं। इस वजह से 2025 में भारतीय शेयर बाजार कमजोर प्रदर्शन कर रहा है।

दुनियाभर के 14 प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में से सिर्फ तीन ने इस साल निगेटिव रिटर्न दिया है, जिनमें से दो भारत के सेंसेक्स और निफ्टी हैं। ये दोनों एशिया, यूरोप और अमेरिका के अन्य बाजारों की तुलना में कमजोर साबित हो रहे हैं।

हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं। उन्होंने सितंबर 2024 से अब तक भारतीय शेयरों में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है।

ट्रंप लंबे समय तक नहीं चला सकेंगे टैरिफ का खेल

अरोड़ा ने भारतीय शेयर बाजार में लगातार जारी गिरावट को लेकर कहा कि मार्केट में गिरावट की गति इतनी तेज है कि ये चीजें वास्तव में तेजी से हो सकती हैं। उन्होंने ट्रंप में टैरिफ वॉर को लेकर अपनी राय रखी और कहा कि डोनल्ड ट्रंप बहुत लंबे समय तक टैरिफ का खेल नहीं खेल पाएंगे। यह अनिश्चितता 3-4 महीने के लिए ही है।

क्या है बीएस मंथन?

नई दिल्ली में इस हफ्ते BS मंथन का दूसरा एडिशन आयोजित किया जा रहा है। यह भारत के सबसे बड़े थॉट लीडरशिप समिट्स में से एक है। यह वार्षिक समिट 27 फरवरी को शुरू हुआ और 28 फरवरी यानी आज समाप्त हो जाएगा।

Advertisement
First Published - February 28, 2025 | 3:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement